हमीरपुर, सुरेन्द्र राणा: राजपूत महासभा हमीरपुर के जिला अध्यक्ष अजमेर ठाकुर और महासचिव जोगिंद्र ठाकुर ने संयुक्त बयान जारी करते हुए कहा कि प्रदेश और केंद्र सरकार सामान्य वर्ग के बच्चों के साथ किसी भी प्रतियोगी परीक्षा में भेदभाव न करें और सभी प्रतियोगी परीक्षाओं की फीस में समानता लाएं। उन्होंने कहा कि स्कूलों में जाति आधारित भेदभाव छोड़कर सभी वर्गों के बच्चों को समान रूप से किताबें, वर्दियां और छात्रवृत्ति दी जानी चाहिए। इससे बच्चों का मनोबल बढ़ेगा और समाज में भी सौहार्दपूर्ण माहौल बनेगा।दोनों पदाधिकारियों ने कहा कि सरकारों की असमान नीतियां ही समाज में जातिगत वैमनस्य फैलाने के लिए जिम्मेदार हैं। हिन्दू समाज पूरी तरह से एकजुट है लेकिन सरकारी भेदभाव और असमान नीतियां समाज को बांटकर अंदर ही अंदर द्वेष पैदा कर रही हैं।उन्होंने (EWS) आरक्षण पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि आर्थिक आधार पर पिछड़े वर्ग के बच्चों से प्रतियोगी परीक्षाओं में सामान्य वर्ग जैसी भारी-भरकम फीस ली जाती है। जबकि अन्य आरक्षित वर्गों की तरह न आयु सीमा में छूट दी जाती है और न ही अलग से मेरिट तय की जाती है। ऐसे में यह 10 प्रतिशत आरक्षण सामान्य वर्ग के साथ धोखे के सिवाय कुछ नहीं।
अजमेर ठाकुर और जोगिंद्र ठाकुर ने स्पष्ट किया कि राजपूत महासभा हमीरपुर इन मुद्दों पर गंभीर है और समय-समय पर अपने जनप्रतिनिधियों के माध्यम से इन्हें सरकार तक पहुंचाती रहेगी। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि सरकारें समय रहते इस दिशा में ठोस कदम नहीं उठाती हैं तो समाज में असमानता और घुटन और अधिक बढ़ जाएगी।
