शिमला, सुरेन्द्र राणा: हिमाचल प्रदेश में इस साल मानसून के बादल अब तक सामान्य से 45 फ़ीसदी ज़्यादा बरसे हैं। पिछले करीब 9 साल के रिकॉर्ड को तोड़ते हुए अभी तक 45 फ़ीसदी ज्यादा बारिश हुई है। इसमें भी सबसे ज्यादा बारिश शिमला जिले में रिकॉर्ड की गई है, जबकि जनजातीय जिला लाहौल स्पीति में सबसे कम बारिश दर्ज हुई है। मानसून सीजन में अब तक पूरे प्रदेश में सामान्य से 45 प्रतिशत अधिक वर्षा दर्ज हो चुकी है। मौसम विभाग की मानें तो सितम्बर माह में राज्य में सामान्य से 136 प्रतिशत अधिक बारिश हुई है, जबकि पूरे मॉनसून सीजन के दौरान अब तक 45 प्रतिशत अधिक बारिश दर्ज की गई है। बता दें कि प्रदेश में तीन वर्ष से मानसून की वर्षा ज्यादा नुकसान कर रही है। प्रदेश में बीते वर्षों के मानसून को देखें तो इस वर्ष मानसून सीजन, के दौरान सबसे अधिक 1011 मिलीमीटर वर्षा दर्ज की गई है।प्रदेश से मानसून सामान्य तौर पर 24 सितंबर के बाद लौटना शुरू होने का अनुमान मौसम विभाग ने जताया है। लेकिन इस वर्ष प्रदेश में 18 सितंबर के बाद वर्षा में कमी की संभावना है। मौसम विभाग का कहना है कि 24 सितंबर तक मौसम में कोई बड़ा बदलाव नहीं होगा। 3 अक्तूबर तक बारिश का सिलसिला जारी रहेगा। प्रदेश के सभी राज्यों में बादल छाए रहेंगे और ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बारिश और तेज हवाएं चलने की संभावना रहेगी। इसके अलावा कई जिलों में भारी बारिश भी हो सकती है। मौसम विभाग का यह भी कहना है कि अब घबराने की जरूरत नहीं है क्योंकि पिछले दिनों के मुकाबले अब बहुत कम बारिश होगी। हालांकि तेज हवाएं और बिजली चमकने की घटना 24 तक बनी रह सकती है।
मौसम विभाग के अनुसार सबसे लंबी मानसून की अवधि वर्ष 2019 में रही है। वर्ष 2019 में 140 दिन तक मानसून रहा था, लेकिन वर्षा 687 मिलीमीटर दर्ज की गई थी, जो सामान्य से दस प्रतिशत कम रही। मानसून औसत 78 से 95 दिन में लौटता है। इस बार प्रदेश में मानसून ने 20 जून को प्रवेश किया और अभी तक 89 दिन हो चुके हैं और लगातार वर्षा का सिलसिला जारी है। हालांकि अभी अनुमान के तौर पर 24 सितंबर से मानसून वापस लौटना शुरू हो जाएगी। लेकिन मानसून सीजन कब खत्म होगा इसको लेकर अभी कोई अनुमान नहीं है।
प्रदेश में लाहौल स्पीति जिला को छोडकऱ हर जिले में सामान्य से अधिक बारिश हुई है। इसमें सबसे ज्यादा शिमला में 108 प्रतिशत वर्षा अधिक दर्ज की गई है। इसके बाद कुल्लू में 107, मंडी में 77, बिलासपुर में 76, सोलन में 73, ऊना में 65, सिरमौर में 40, हमीरपुर में 61, चंबा में 36, किनौर में 29, कांगड़ा में 19 फीसदी वर्षा सामान्य से अधिक दर्ज की गई है। पूरे प्रदेश में एकमात्र लाहुल स्पीति ऐसा जिला है जहां पर सामान्य से 17 प्रतिशत कम वर्षा दर्ज की गई है।
प्रदेश में लाहौल स्पीति जिला को छोडकऱ हर जिले में सामान्य से अधिक बारिश हुई है। इसमें सबसे ज्यादा शिमला में 108 प्रतिशत वर्षा अधिक दर्ज की गई है। इसके बाद कुल्लू में 107, मंडी में 77, बिलासपुर में 76, सोलन में 73, ऊना में 65, सिरमौर में 40, हमीरपुर में 61, चंबा में 36, किनौर में 29, कांगड़ा में 19 फीसदी वर्षा सामान्य से अधिक दर्ज की गई है। पूरे प्रदेश में एकमात्र लाहुल स्पीति ऐसा जिला है जहां पर सामान्य से 17 प्रतिशत कम वर्षा दर्ज की गई है।मानसून को लेकर अभी कोई बड़ा बदलाव नहीं है। 24 अक्तूबर से मानसून वापस लौटने का पूर्वानुमान है, लेकिन 3 अक्तूबर तक बारिश होती रहेगी।
