शिमला, सुरेंद्र राणा:मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने आपदा राहत को लेकर केंद्र सरकार से सवाल पूछा है। मंगलवार को राज्य सचिवालय में मीडिया से बात करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्र सरकार के मंत्री तो हिमाचल आ रहे हैं, लेकिन आपदा राहत पैकेज कहां है, यह कोई नहीं बता रहा। हिमाचल सरकार प्रधानमंत्री द्वारा घोषित किए गए 1500 करोड़ रुपए के आपदा राहत पैकेज का इंतजार कर रही है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार राजनीतिक लाभ के लिए अपने मंत्रियों को हिमाचल भेज रही है, लेकिन इससे कुछ नहीं होगा। मंत्रियों द्वारा जो धन लाया जाना है, उससे ही राहत कार्य होगा। सीएम सुक्खू ने कहा कि केंद्र सरकार अपने मंत्रियों को भेजकर हाइप क्रिएट कर रही है। मंत्रियों को भेजकर बिजली, पानी और सडक़ का समाधान नहीं होगा। आपदा प्रभावितों की मदद मंत्रियों को भेजकर नहीं होगी। इसके समाधान के लिए हमें स्पेशल रिलीफ पैकेज दिलाएं, तभी आपदा प्रभावितों का पुनर्वास हो पाएगा। महज अखबारों में बयान देकर आपदा प्रभावितों का दर्द नहीं बंटेगा। सीएम ने कहा कि हिमाचल की नजरें पीएम द्वारा घोषित पैकेज पर टिकी हैं। अभी यह क्लियर नहीं कि केंद्रीय मदद स्कीम बेस्ड मिलती है या स्पेशल रिलीफ पैकेज या फिर ग्रांट के तौर पर आता है।
उन्होंने कहा कि सहानुभूति भारत की संस्कृति में बसी है। संवेदनशीलता हिमाचल के संस्कारों में है। सहानुभूति और संवेदनशीलता के अलावा आज की डेट में हमें धन की जरूरत है। पूरे हिमाचल को आपदाग्रस्त घोषित कर दिया गया है। सीएम सुक्खू ने कहा कि पोस्ट डिजास्टर नीड असेस्मेंट की बात भाजपा बार-बार करती है। इसकी अब तक 400 करोड़ रुपए की एक किस्त आई है, वह भी दो साल बाद मिली है। 1500 करोड़ रुपए अभी देना है। साल 2023 में 10 हजार करोड़ का आकलन करके केंद्र सरकार गई थी। बता दें कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नौ सितंबर को हिमाचल में बाढ़ और लैंडस्लाइड से हुए नुकसान का जायजा लिया था और प्रदेश को 1500 करोड़ रुपए की मदद का ऐलान किया, मगर अब तक इस पैकेज को लेकर केंद्र सरकार ने नोटिफिकेशन जारी नहीं की है। इस बीच केंद्र सरकार ने सात मंत्री हिमाचल के अलग अलग आपदा प्रभावित क्षेत्रों में जरूर भेजे हैं, जो कि अलग-अलग जगह जाकर आपदा को देख रहे हैं।
