शिमला, सुरेंद्र राणा: आपदा के बाद लगातार आठ दिनों तक डटे रहने के बाद प्रदेश के राजस्व मंत्री जगत नेगी शनिवार को शिमला लौट आए। उन्होंने कहा कि अब भरमौर की स्थिति सामान्य हो रही है और वहां फंसे सभी श्रद्धालुओं को सुरक्षित निकाल लिया गया है।
आपदा में मृत पाए गए 17 श्रद्धालुओं के शवों को भी सेना और एनडीआरएफ की मदद से चंबा लाकर परिजनों को सौंप दिया गया है।विओ,,, राजस्व मंत्री जगत नेगी ने कहा कि सड़क बहाली का कार्य युद्ध स्तर पर जारी है और तीन दिन के भीतर सभी मार्ग बहाल कर दिए जाएंगे। उन्होंने बताया कि आपदा के दौरान कुछ चैनलों और सोशल मीडिया प्लेटफार्मों पर अफवाहें फैलाई गईं, जिनमें हजारों लोगों की मौत होने तक की भ्रामक खबरें चलाई गईं। जबकि सच्चाई यह है कि इस बार मणिमहेश यात्रा के दौरान केवल 17 लोगों की मौत हुई, वह भी आपदा से नहीं बल्कि ऑक्सीजन की कमी और ठंड की वजह से। उन्होंने कहा कि शवों को निकालना सबसे कठिन कार्य था, जिसके लिए 60 लोगों की टीम तैनात की गई और सभी शव परिजनों तक पहुंचाए गए।
मंत्री ने साफ कहा कि बिना तथ्यों की पुष्टि किए मीडिया और सोशल मीडिया पर अफवाहें फैलाना गंभीर अपराध है और सरकार इस पर सख्त कार्रवाई करेगी।टैक्सी चालकों द्वारा मनमाने किराए वसूलने के आरोपों पर मंत्री ने कहा कि सड़क अवरुद्ध होने के बाद स्थिति का फायदा उठाया गया, लेकिन सरकार ने तत्काल निशुल्क टैक्सी सेवा शुरू कर श्रद्धालुओं को राहत पहुंचाई।नेगी ने यह भी स्पष्ट किया कि नेटवर्क बंद करने का निर्णय राज्य सरकार नहीं ले सकती, यह केवल केंद्र सरकार और गृह मंत्रालय की अनुमति से ही संभव है। भरमौर में नेटवर्क की समस्या प्राकृतिक आपदा के कारण हुई थी, लेकिन इसे राजनीतिक रंग देने का प्रयास किया गया।
