हिमाचल में पंचायतों को मिलेंगी अवैध निर्माण रोकने की शक्तियां, नक्शा पास करवाना होगा अनिवार्य

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शिमला, सुरेन्द्र राणा: हिमाचल प्रदेश में अब पंचायतों को अवैध निर्माण रोकने और नदी नालों के किनारे भवनों का निर्माण न होने की शक्तियां दी जा रही हैं। प्रदेश में प्राकृतिक आपदा से मची तबाही को देखते हुए सरकार के आदेशों पर टाउन एंड कंट्री प्लानिंग विभाग (टीसीपी) और पंचायती राज विभाग प्लान तैयार कर रहा है। टीसीपी के दायरे में लोगों को भवन निर्माण के लिए स्ट्रक्चर डिजाइन और नक्शा पास होना अनिवार्य होगा। पंचायत के प्रतिनिधि मौके पर जाकर टीसीपी से पास नक्शे देख सकेंगे। अगर नक्शा पास नहीं है तो इस बारे विभाग को सूचित किया जाएगा। ऐसे में लोगों के खिलाफ कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।

हिमाचल में प्राकृतिक आपदा से जो मकान गिरे हैं। उनमें कई मकान ऐसे थे, जिनका नक्शा पास नहीं था। कई मकान नदी, नालों के किनारे बनाए गए। नदी, नालों में पानी का बहाव बढ़ने से मकानों को नुकसान हुआ है। जिन लोगों के मकान आपदा में ध्वस्त हुए है, उन्हें सरकार की ओर से सात लाख रुपये और सामान के 70 हजार रुपये देने का फैसला लिया गया है। जिला प्रशासन की ओर से प्रभावित लोगों को पैसा जारी होने के साथ साथ यह भी दिशा-निर्देश जारी होंगे कि अब जो भवनों का निर्माण होगा वह नदी नालों से उचित दूरी पर होगा। ताकि, भविष्य में आपदा से भवनों को नुकसान न हो।पंचायतों को मजबूत किया जा रहा है।

सरकार की ओर से जारी दिशा निर्देशों के मुताबिक नालों से सात और नदियों से डेढ़ सौ मीटर छोड़कर निर्माण कार्य करना होगा। टाउन एंड कंट्री प्लानिंग मंत्री राजेश धर्माणी ने कहा कि पंचायतों को मजबूत किया जा रहा है। इन्हें शक्तियां दी जा रही हैं। सरकारी भवनों को भू वैज्ञानिक की रिपोर्ट को अनिवार्य किया गया है। निजी भवनों के लिए भी इस रिपोर्ट को अनिवार्य किए जाने पर विचार चल रहा है।

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