पंजाब दस्तक: जसवां परागपुर की ग्राम पंचायत गरली में नशे के कारोबार से जुड़े मामले पर कांग्रेस नेता व कामगार बोर्ड के पूर्व उपाध्यक्ष सुरेन्द्र सिंह मनकोटिया ने बड़ा बयान दिया है। उन्होंने गरली की प्रधान के पति विजय कुमार की गिरफ्तारी के बाद पूरे मामले की गहन जांच की मांग उठाते हुए कहा कि इस परिवार की संपत्ति की जांच होनी चाहिए, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि इस कारोबार से कितनी अवैध संपत्ति अर्जित की गई है।मनकोटिया ने कहा कि यह परिवार पिछले 10 वर्षों से नशे का कारोबार कर रहा है और इसमें स्थानीय विधायक विक्रम ठाकुर की शह भी शामिल है।
उन्होंने आरोप लगाया कि इस अवैध धंधे में कुछ और बड़ी मछलियां भी संलिप्त हैं, जिनका पर्दाफाश आवश्यक है। उन्होंने दावा किया कि नशे के इस कारोबार के चलते सैकड़ों युवाओं का जीवन बर्बाद हो चुका है और इसका पैसा नेताओं की जेब में जा रहा है।उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री ने साफ निर्देश दिए हैं कि नशे के कारोबार में लिप्त लोगों पर सख्त कार्रवाई की जाए। ऐसे में पुलिस को चाहिए कि न केवल गिरफ्तार लोगों से पूछताछ करे बल्कि उनके पूरे नेटवर्क, सप्लाई चैन और संपत्तियों की भी जांच करे।मनकोटिया ने बताया कि 29 जुलाई को रक्कड़ पुलिस ने दो व्यक्तियों – मनीष कुमार और विजय कुमार – को 140 ग्राम चरस के साथ गिरफ्तार किया। विजय कुमार गरली की मौजूदा पंचायत प्रधान का पति है और प्रधान भारतीय मजदूर संघ (भाजपा का अग्रणी संगठन) की आशा वर्कर यूनियन की अध्यक्ष भी हैं।उन्होंने आरोप लगाया कि विजय कुमार और उसके साथियों के भाजपा नेताओं के साथ कई फोटो और वीडियो मौजूद हैं, जिससे यह स्पष्ट होता है कि इस गोरखधंधे में कई बड़े लोग शामिल हैं। उन्होंने यह तक कहा कि जिन लोगों ने सैकड़ों बच्चों को नशे में झोंका, उन पर हत्या का मुकदमा चलना चाहिए।मनकोटिया ने घोषणा की कि आने वाले दिनों में जसवां परागपुर क्षेत्र में नशे और नशा माफियाओं के खिलाफ एक बड़ी रैली निकाली जाएगी। उन्होंने आम जनता से अपील की कि वे इस लड़ाई में साथ आएं और अपने बच्चों के भविष्य को बचाने के लिए नशे के खिलाफ आवाज़ उठाएं।
