शिमला, सुरेंद्र राणा:शिमला जिला पेंशनर्ज वेलफेयर एसोसिएशन की एक आपातकालीन बैठक शिमला में हुई जिसमें 01 जनवरी 2016 से 01 फरवरी 2022 के बीच सेवानिवृत्त हुए कर्मचारियों को उनके देय वित्तीय सेवानिवृत्ति लाभ न दिए जाने पर गहरा आक्रोश व्यक्त किया गया।
इस अवधि में रिटायर हुए कर्मचारियों को ग्रेच्युटी, लीव एनकैशमेंट, काॅम्यूटेशन और छठे वेतन आयोग का बकाया आज तक नहीं मिला है, जबकि 01.01.2016 से पहले और 01.02.2022 के बाद सेवानिवृत्त कर्मचारियों को ये सभी लाभ मिल चुके हैं। एसोसिएशन ने इसे ‘सौतेला व्यवहार’ करार दिया।
महासचिव भूपराम वर्मा ने बताया कि इस मुद्दे पर कई पेंशनर्ज ने हाईकोर्ट में याचिका भी दायर की थी, और फैसला आने के बावजूद सरकार ने कोई कदम नहीं उठाया है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि जल्द भुगतान नहीं किया गया तो एसोसिएशन को धरना-प्रदर्शन का रास्ता अपनाना पड़ेगा, और फिर राज्यपाल को ज्ञापन सौंपा जाएगा।
बैठक में मुख्यमंत्री द्वारा विधानसभा में घोषित 13% महंगाई भत्ता अब तक न मिलने पर भी नाराजगी जताई गई। महासचिव ने कहा कि मुख्यमंत्री ने जून माह के वेतन व पेंशन के साथ DA की किस्त देने की घोषणा की थी, परन्तु अब तक इसे लागू नहीं किया गया है, जो बेहद खेदजनक है।
बैठक में लंबित चिकित्सा बिलों के भुगतान न होने पर भी गहरी चिंता जताई गई।
बैठक की अध्यक्षता जिला अध्यक्ष भाग चंद चौहान ने की और महासचिव भूपराम वर्मा सहित सभी सदस्य उपस्थित रहे।
