शिमला, सुरेंद्र राणा:हिमाचल प्रदेश की सुखविंदर सिंह सुक्खू सरकार ने अपने एक और पुराने साथी को राजनीतिक ‘संजीवनी’ दी है। शिमला के पूर्व विधायक हरभजन सिंह भज्जी को हिमाचल प्रदेश राज्य हस्तशिल्प और हथकरघा निगम का अध्यक्ष नियुक्त किया गया है। मुख्यमंत्री ने इस नियुक्ति के जरिए न केवल अपनी दोस्ती निभाई है, बल्कि एक निष्ठावान कार्यकर्ता के सब्र का फल भी दिया है।कभी मिला था 8.3% वोट, आज मिला बड़ा ओहदागौर हो कि साल 2017 के विधानसभा चुनावों में हरभजन सिंह भज्जी के लिए राजनीतिक हालात बेहद खराब हो गए थे। उस चुनाव में कांग्रेस के बागी उम्मीदवार की वजह से भज्जी महज 2,680 वोटों पर सिमट कर चौथे स्थान पर खिसक गए थे। उस वक्त उन्हें कुल पड़े वोटों का मात्र 8.3% ही मिल पाया था। लेकिन राजनीति का पहिया अब घूम चुका है; जो नेता उस समय ‘बेरोजगार’ नजर आ रहे थे, मुख्यमंत्री सुक्खू ने उन्हें अब सम्मानजनक ‘रोजगार’ और जिम्मेदारी से नवाज दिया है।मुख्यमंत्री के करीबी होने का मिला लाभभज्जी को मुख्यमंत्री का बेहद करीबी और भरोसेमंद माना जाता है। सचिवालय में चर्चा है कि यह पूरी तरह से ‘दोस्तों की सरकार’ की एक और मिसाल है, जहाँ सुक्खू अपने पुराने साथियों को अहम पदों पर बिठा रहे हैं। हालांकि अभी उन्हें औपचारिक रूप से कैबिनेट रैंक दिए जाने की अधिसूचना जारी नहीं हुई है, लेकिन इस पद के साथ मिलने वाली सरकारी गाड़ी और अन्य सुख-सुविधाओं ने उन्हें राजनीतिक रूप से फिर से मुख्यधारा में ला खड़ा किया है।अपना फर्ज निभा गए सुक्खूहार के बावजूद भज्जी ने कांग्रेस के प्रति अपना फर्ज निभाया और सुक्खू के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़े रहे। अब मुख्यमंत्री ने भी अपना फर्ज अदा करते हुए उन्हें निगम की कमान सौंप दी है। अब देखना यह होगा कि भज्जी इस नई जिम्मेदारी और सुविधाओं के साथ हस्तशिल्प निगम को कितनी नई ऊंचाइयों पर ले जाते हैं।ताजा खबरों के लिए सब्सक्राइब करें और फॉलो करें – ‘पंजाब दस्तक’
