धनखड़ बोले- ऑपरेशन सिंदूर ने दिया देश को नया आयाम, आतंकवाद के खिलाफ कड़ा संदेश

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पंजाब दस्तक, सुरेन्द्र राणा; उप राष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर की सफलता ने देश को एक नया आयाम दिया है। भारतीय सेना ने अपने पराक्रम से आतंकवाद के खिलाफ एक कड़ा संदेश दिया है। शनिवार को सोलन के नौणी स्थित बागवानी एवं वानिकी विश्वविद्यालय में युवा कृषि वैज्ञानिक दृष्टिकोण और संकल्प विषय पर आयोजित कार्यक्रम में उप राष्ट्रपति ने विद्यार्थियों व वैज्ञानिकों से संवाद करते हुए ये बातें कहीं।

उन्होंने कहा कि यह पहला अवसर है, जब ऑपरेशन सिंदूर के संदर्भ में कोई सबूत नहीं मांग रहा। भारत ने अंतरराष्ट्रीय सीमा के पार आतंकियों के ठिकानों को नष्ट करने का साहसिक कदम उठाया और दुश्मन को करारी मात दी। उन्होंने कहा कि ताबूत के साथ आतंकी दिखे, वर्दी में उनकी सेना और नेता दिखे और जनाजा कब्रिस्तान गया।यह भारतीय सेना का पराक्रम है। भारत ने कभी किसी देश की भूमि पर कब्जा नहीं किया, बल्कि जो हमारी सीमा में आया, उसे भी अपने में समाहित किया।

उप राष्ट्रपति ने कहा कि राष्ट्रीयता हमारी पहचान है। जो भी ताकतें इसमें विश्वास नहीं रखतीं, उन्हें समझाने की आवश्यकता है। हर भारतीय को संकल्प लेना चाहिए कि वह देश के प्रति समर्पित रहेगा। यदि कोई काम सीधे तरीके से नहीं होता, तो उसके लिए थोड़ी कोशिशें करनी पड़ती हैं, जैसे कि घी निकालने के लिए कभी-कभी अंगुली टेढ़ी करनी पड़ती है। प्राकृतिक संसाधन हमारे नहीं हैं। हम इनके ट्रस्टी हैं। इनका उपयोग सोच-समझकर और जरूरत अनुसार करना चाहिए, ताकि आने वाली पीढ़ियां भी इनका लाभ उठा सकें।

धनखड़ ने कहा कि हिमाचल वीरों की भूमि है। इस प्रदेश ने सेना को सबसे अधिक जवान दिए हैं। कारगिल युद्ध में हिमाचल के वीर सपूतों ने दुश्मन पाकिस्तान को मुंहतोड़ जवाब दिया और उनकी शौर्य गाथाओं के कारण उन्हें सर्वोच्च अलंकरण मिले।

कभी स्विट्जरलैंड के बैंकों गिरवी रखना पड़ा था सोना
उप राष्ट्रपति ने अपने पिछले संसदीय अनुभवों को साझा करते हुए कहा कि जब वह सांसद थे, तब भारत का सोना स्विट्जरलैंड के बैंकों में गिरवी रखा गया था। इसका कारण देश की विदेशी मुद्रा की स्थिति थी, जो उस समय 1 बिलियन डॉलर के आसपास थी, जबकि अब यह 700 बिलियन डॉलर है। यदि हर भारतीय स्वदेशी वस्तुओं का इस्तेमाल करेगा, तो यह देश की आर्थिक स्थिति को मजबूत बनाएगा।

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