शिमला, सुरेन्द्र राणा: तुर्किये द्वारा ऑपरेशन सिंदूर के दौरान पाकिस्तान का समर्थन किए जाने के विरोध में हिमाचल के बागवानों ने राज्यपाल के माध्यम से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को ज्ञापन भेजा। बागवानों ने मांग की है कि तुर्किये से सेब आयात पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया जाए। संयुक्त किसान मंच के संयोजक हरीश चौहान ने बताया कि तुर्किये ने पाकिस्तान को ड्रोन और हथियारों की आपूर्ति की, जबकि भूकंप के समय भारत ने तुर्किये की सहायता की थी। बागवानों का कहना है कि तुर्किये का सेब 55-60 रुपये प्रति किलो भारत में बिकता है, जिससे उसे 800 से 1000 करोड़ रुपये का राजस्व मिलता है। यह राशि भारत के खिलाफ गतिविधियों में इस्तेमाल होती है। चौहान ने कहा कि हिमाचल, जम्मू-कश्मीर और उत्तराखंड की अर्थव्यवस्था में सेब उत्पादन का अहम योगदान है। तुर्किये के सेब आयात पर रोक लगने से इन राज्यों के बागवानों को सीधा लाभ होगा।
उन्होंने अमेरिका और इराक से आयातित सेब पर भी आयात शुल्क बनाए रखने की मांग की। उन्होंने कहा कि राज्यपाल ने आश्वासन दिया है कि यह मुद्दा प्रमुखता से केंद्र सरकार और राष्ट्रपति के सामने उठाया जाएगा। हरीश चौहान ने देशवासियों से तुर्किये के उत्पादों के बहिष्कार की अपील भी की है।
