कांग्रेस पार्टी और सुक्खू सरकार की खुली पोल, अंतर्कलह आया सामने : जयराम ठाकुर

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मंडी, काजल : मंडी से जारी बयान में नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने कहा कि कांग्रेस पार्टी और सुक्खू सरकार का अंतर्कलह अब प्रदेश के समाने आ गया है। स्थिति अब एक दूसरे के खिलाफ बयानबाजी और लड़ाई–झगड़े तक पहुंच गई है। यह बात भारतीय जनता पार्टी या कोई बाहरी व्यक्ति नहीं कह रहा है। क्या बातें सरकार के मंत्री तथा पार्टी के पदाधिकारी और कार्यकर्ता कह रहे हैं।

बिलासपुर में पार्टी अध्यक्ष के सामने जो कुछ हुआ और आए दिन कांग्रेस के नेता संगठन के बारे में, सरकार के बारे में जिस तरीके के बयान दे रहे हैं उससे यह साफ है कि प्रदेश सरकार और कांग्रेस में कुछ भी ठीक नहीं चल रहा है। ऐसी ही स्थिति वर्तमान में सुक्खू की सरकार की भी है। सरकार में मंत्रियों के बीच जबरदस्त गुटबाजी और खींचतान चल रही है। हालात यह बन गए हैं कि उप मुख्यमंत्री ही मुख्यमंत्री के खिलाफ बातें कर रहे हैं और एक मंत्री उनके समर्थन में खड़े हैं। दोनों तरफ से बड़ी-बड़ी बातें हो रही है। डराने,धमकाने और साजिश करने की बातें हो रही हैं। प्रदेश के लोग भी समझ नहीं पा रहे हैं कौन किसको डरा–धमका रहा है। सरकार के मंत्रियों को जो ऊर्जा प्रदेश को विकास की राह पर आगे ले जाने के लिए लगानी चाहिए वह ऊर्जा अपने शक्ति प्रदर्शन में लगा रहे हैं।जयराम ठाकुर ने कहा कि सरकार की इस गुटबाजी और आपसी लड़ाई का नुकसान प्रदेश की जनता को हो रहा है। प्रदेश के विकास का नुकसान हो रहा है। मंत्री अपने ऑफिस में नहीं बैठ रहे हैं।

एक दूसरे के बीच बातचीत बंद है। अपनी–अपनी बातें लोग सोशल मीडिया में इशारों–इशारों में कह रहे हैं। यह बातें अब भारतीय जनता पार्टी नहीं कह रही है। यह सारी बातें कांग्रेस के ही नेता, सुक्खू सरकार के मंत्री कह रहे हैं। पार्टी के कार्यकर्ता और पदाधिकारी संगठन पर आरोप लगा रहे हैं। सुक्खू सरकार के मंत्री और सरकार के करीबी लोग सरकार और मुख्यमंत्री पर आरोप लगा रहे हैं। सरकार के मंत्री भी अपनी सरकार पर सवाल उठा रहे हैं। दो साल के कार्यकाल में ही सुखविंदर सिंह सुक्खू की सरकार पूरी तरीके से बेनकाब हो गई है। कांग्रेस पार्टी के सभी विधायक और मंत्री अपनी-अपनी जोर आजमाइश कर रहे हैं। कांग्रेस के नेता और सुक्खू सरकार के मंत्री अपने-अपने हितों की लड़ाई लड़ रहे हैं। नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि हिमाचल के इतिहास में यह पहला कार्यकाल है जब कोई सरकार विकास की उल्टी राह पर चल रही है।

सरकार में बैठे लोगों को प्रदेश और प्रदेशवासियों के हित की बजाय अपने हितों की चिंता है। जिसका खामियाजा प्रदेश और प्रदेशवासियों को उठाना पड़ रहा है। बड़ी-बड़ी बातें करके सत्ता में आए लोग आज आपस में लड़ रहे हैं। प्रदेश की जनता और उनके हितों से सरकार को कोई सरोकार नहीं है। विकास के कार्य शून्य हैं। नौकरियां बंद है। भर्तियों पर रोक लगी हुई है। हिम केयर का।पैसा रोकने से लोग इलाज के अभाव में दर–दर भटक रहे हैं। प्रदेश पर कर्ज एक लाख करोड़ के पार हो गया है। मुख्यमंत्री और मंत्रियों द्वारा हर दिन झूठ पर झूठ बोला जा रहा है। हर महीनें नियमित रूप से कर्ज लेने के अलावा सरकार का कोई काम धरातल पर नजर नहीं आ रहा है।

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