शिमला, सुरेंद्र राणा: पार्टी प्रदेशाध्यक्ष की नियुक्ति पर फैसला होने से पहले भाजपा के अंदर फिर से गुटबाजी की चिंगारी सुलग गई है। पूर्व भाजपा विधायक रमेश धवाला और होशियार सिंह के घर पार्टी कुछ नेताओं के जुटने से हिमाचल में सियासी पारा चढ़ गया है। इधर, भाजपा प्रदेशाध्यक्ष डॉ. राजीव बिंदल के खिलाफ लिखी गई एक चिट्ठी और इस पर छोटा शिमला थाने में शिकायत दर्ज होने की घटना के बाद भी पार्टी में गुटबाजी फिर सामने आई है।पूर्व मंत्री रमेश धवाला और उपचुनाव में देहरा से भाजपा के प्रत्याशी रहे होशियार सिंह के घर पर पिछले दिनों भाजपा के नेताओं की बैठकों के अलग-अलग दौर चले। इन्हें भाजपा के अंदर चल रही गुटबाजी से जोड़कर देखा जा रहा है। देहरा जिला में भाजपा मंडलों के चुनाव पर रमेश धवाला पहले ही खुलकर सवाल खड़े कर चुके हैं और समानांतर मंडल इकाई बनाने का भी प्रयास कर चुके हैं।हालांकि, धवाला के इस तरह से मुखर होने को भाजपा के प्रदेश नेतृत्व ने सार्वजनिक तौर पर गंभीरता से ज्यादा नहीं लिया। वहीं, देहरा में होशियार सिंह के घर भाजपा के एक वरिष्ठ विधायक और कांग्रेस से भाजपा में शामिल हुए पूर्व मंत्री व विधायक सुधीर शर्मा का जाना भी भाजपा की डैमेज कंट्रोल की किसी अंदरूनी रणनीति से जोड़कर देखा जा रहा है। वहीं, खुद को संसदीय क्षेत्र शिमला का पार्टी कार्यकर्ता बताने वाले दिनेश शर्मा की ओर से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लिखी एक कथित चिट्ठी भी भाजपा के आंतरिक कलह को सामने ला रही है, जिसमें भाजपा प्रदेशाध्यक्ष डॉ. राजीव बिंदल पर गंभीर आरोप लगाकर उनके पद पर बने रहने से एतराज जताया गया है। इस शिकायत के खिलाफ भाजपा की ओर से पुलिस में शिकायत की गई है।
पूर्व मंत्री रमेश धवाला और उपचुनाव में देहरा से भाजपा के प्रत्याशी रहे होशियार सिंह के घर पर पिछले दिनों भाजपा के नेताओं की बैठकों के अलग-अलग दौर चले। इन्हें भाजपा के अंदर चल रही गुटबाजी से जोड़कर देखा जा रहा है। देहरा जिला में भाजपा मंडलों के चुनाव पर रमेश धवाला पहले ही खुलकर सवाल खड़े कर चुके हैं और समानांतर मंडल इकाई बनाने का भी प्रयास कर चुके हैं।
