शिमला,सुरेन्द्र राणा: हिमाचल किसान सभा एवं सेब उत्पादक संघ ने आज किसान सभा के बैनर तले विधानसभा के बाहर मांगो को लेकर प्रदर्शन किया। किसानों ने पंचायत घर से विधानसभा चौड़ा मैदान तक मार्च निकाला। इस दौरान किसानों ने प्रदेश में विभिन्न कानून के तहत बेदखली और कृषि भूमि के नियमितीकरण के मुद्दों पर जमकर नारेबाजी की। मुख्यमंत्री ने धरना स्थल पर जाकर किसानों की मांगों को सुना। किसानों ने इस दौरान सीएम को 21 सूत्रीय मांगपत्र भी सौपा। जिस पर मुख्यमंत्री ने आश्वासन दिया कि किसानो बागवानों के हित सरकार की प्राथमिकता है।
किसान सभा के अध्यक्ष कुलदीप तंवर ने कहा कि किसानों, बागवानों द्वारा शिमला में आज एक रैली के माध्यम से कृषि भूमि के नियमितीकरण और बेदखली के मसलों को सरकार के समक्ष रखा गया है। किसान शामलात, खुदरा-ओ-दरखतान, मलकियत सरकार, चकोतेदार, नौतोड़ के नियमितीकरण, जनजातीय क्षेत्रों में वन अधिकार कानून का सही ढंग से लागू न होना, विस्थापित गद्दी और गुजरों के मुद्दों को लेकर आज मुख्यमंत्री को ज्ञापन सोपा गया है। उन्होंने बताया कि प्रदेश में किसानों के खिलाफ बेदखली की मुहिम एक गंभीर समस्या बन गई है। य़ह विशेष परिस्थितियां हिमाचल सरकार की 1952 की अधिसूचना, 1980 का वन संरक्षण कानून, 1988 की राष्ट्रीय वन नीति और 12 दिसंबर 1996 को सर्वोच्च न्यायालय द्वारा दिए गए टीएन गोदावर्मन केस के निर्देशों के कारण उत्पन्न हुई है। इसके अतिरिक्त, 2006 का वन अधिकार कानून भी इस समस्या को और बढ़ा रहा है। उन्होंने बताया कि इन कानून और मामलों के कारण प्रदेश में किसने भगवानों को अपनी भूमि से वंचित होना पड़ रहा है ऐसे में प्रदेश सरकार से यह मसले गंभीरता से उठाए जा रहे हैं ।
वहीं सीएम ने कहा कि किसान बागवानो के हित सरकार की प्राथमिकता है। विभिन्न भूमि संबंधी मसलों पर सरकार कानूनी पहलुओं को खंगालेंगी। उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट में टीएन गोदावर्मन मामले में भी प्रदेश सरकार को पार्टी बनाया जाएगा और इस मामले के लिए बड़े से बड़े वकीलों द्वारा पैरवी की जाएगी। उन्होंने कहा की किसानो बागवानों के इन मसलों पर जल्द ही वे बैठक बुलाएंगे ताकि सभी पहलुओं पर विचार किया जा सके।
उन्होंने कहा कि इन मामलों में कानूनी अड़चने न होती तो प्रदेश सरकार इस कार्य को जल्द पूरा कर देती। मुख्यमंत्री ने आश्वासन दिया कि किसानो बागवानों को सरकार उजड़ने नहीं देगी। उन्होंने बताया कि राजस्व मंत्री जगत नेगी स्वयं ऐसे मामलों में कानूनी पहलुओं को खंगालेंगे। सरकार के प्रयास रहेगे की किसी तरह मामलों को सेटल किया जाए।
