शिमला, सुरेंद्र राणा: विधानसभा के मानसून सत्र के अंतिम दिन आज आर्थिक संकट पर चर्चा के बाद मुख्यमंत्री के जवाब के दौरान विपक्ष ने सदन में जमकर हंगामा किया। विपक्ष ने सरकार पर झूठी गारंटी देकर प्रदेश की जनता को गुमराह करने के आरोप लगाए। विपक्ष ने आरोप लगाया कि प्रदेश में सत्ता हासिल करने के लिए कांग्रेस ने चुनावो के समय 10 गारंटिया दी थी लेकिन 20 महीने बीत जाने के बाद भी प्रदेश में एक गारंटियों को पूरी नहीं किया। बल्कि इसके विपरीत पूर्व सरकार के द्वारा जनता को दी जा रही सुविधाओं को बंद करने का काम यह सरकार कर रही है।
नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने कहा कि मानसून सत्र के दौरान आर्थिक स्थिति पर चर्चा को लेकर नियम 67 के तहत स्थगन प्रस्ताव विपक्ष की तरफ से दिया गया लेकिन इस पर सरकार ने चर्चा नहीं दी। सरकार इस पर चर्चा नहीं करना चाहती थी लेकिन जब विधानसभा अध्यक्ष के पास विपक्ष पहुचा उसके बाद आर्थिक स्थिति पर चर्चा शुरू हुई। आज मुख्यमंत्री जब इसको लेकर जवाब देने लगे तो मुख्यमंत्री गुमराह कर रहे थे। उन्होंने। कहा कि एक तरफ कह रहे हैं कि आर्थिक संकट नहीं है दूसरी तरफ कर्मचारियों को समय पर वेतन नहीं दिया जा रहा है।
इसके लिए भाजपा सरकार और केंद्र सरकार को जिम्मेदार बताया जा रहा है। पूर्व की सरकार ने 125 यूनिट बिजली प्रदेश की जनता को मुफ्त में दी थी लेकिन कांग्रेस सरकार ने सत्ता में आने के लिए 300 यूनिट बिजली देने का झूठा वादा किया, 5 लाख बेरोजगारों को रोजगार देने के साथ ही दूध और गोबर खरीदने तक की गारंटी दी थी लेकिन अब इन गारंटी देना तो दूर सुविधाओ को वापिस लिया जा रहा है। मुख्यमंत्री को इसके लिए प्रदेश की जनता से माफी मांगनी चाहिए।
मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि पहली बार मानसून सत्र कितना लंबा चला है विपक्ष की मांग पर एक दिन और बढ़ाया गया। वित्तीय को प्रबंधन पर चर्चा लाई गई लेकिन जब चर्चा की गई तो विपक्ष के कुछ विधायक साधन में बैठे हुए थे। उन्होंने कहा कि अर्थव्यवस्था का वेदागर करने में पूर्व सरकार ने कोई कोटा ही नहीं बढ़ती। कांग्रेस की सरकार आने पर एक साल में आर्थिक संकट पर काबू पाया गया। आपदा से सरकार निफ्टी और नीति आयोग और बीजेपी के वरिष्ठ नेता शाम तक करने भी उनकी सरकार की तरफ की।
वित्तीय अनुशासन से प्रदेश की अर्थव्यवस्था को मजबूत करने का काम किया जा रहा है कर्मचारियों को 1 तारीख को दी जाने वाली सैलरी के लिए आरबीआई से 7:30 प्रतिशत की दर से लोन लिया जाता है पेंशन देने के लिए भी लोन लेना पड़ता है लोन का ब्याज 3 करोड़ रूपया बनता है। इसे बचाने के लिए सरकार ने काम किया। मुख्यमंत्री ने फिर दोहराया कि 2027 तक प्रदेश आत्मनिर्भर और2032 तक देश का समृद्धिशाली प्रदेश बनेगा। भाजपा ने चुनाव से पहले 125 यूनिट मुफ्त बिजली सुविधा दी, नए संस्थान खोल दिए। पिछले वर्ष तक वित्तीय संकट था लेकिन अब प्रदेश में कोई आर्थिक संकट नहीं है।
