कांट्रैक्ट की पेंशन देने पर फैसला इसी हफ्ते

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शिमला, सुरेंद्र राणा: कांट्रैक्ट की अवधि को पेंशन और अन्य वित्तीय लाभों के लिए काउंट करने को लेकर राज्य सरकार सोमवार से शुरू हो रहे सप्ताह में फैसला ले लेगी। वित्त विभाग इसी सप्ताह ये कार्यालय आदेश जारी कर रहा है।

प्रधान सचिव वित्त की अध्यक्षता की कमेटी में यह निर्णय पहले हो गया था, लेकिन सुप्रीम कोर्ट के आदेशों के अनुसार ड्राफ्ट तैयार हो रहा है। इस कार्यालय आदेश में पात्र कर्मचारियों और पेंशनरों को अपना विकल्प देने के लिए एक माह का समय दिया जाएगा। कांट्रैक्ट में दी सर्विस को मिलाकर, जिनकी सरकारी सेवा 10 साल या इससे ज्यादा है, वे सभी पेंशन के हकदार हो जाएंगे। दरअसल यह फैसला आयुर्वेद विभाग के शीला देवी बनाम हिमाचल सरकार केस में आया था, जिसमें राज्य सरकार सुप्रीम कोर्ट में भी हार गई थी। जब इस जजमेंट को लागू करने के अलावा कोई चारा नहीं बचा, तो फाइनांस सेक्रेटरी की अध्यक्षता में कमेटी बनाई गई। यह कमेटी इस जजमेंट को लागू कर पाती, इससे पहले शिक्षा विभाग से इस तरह का मामला हाई कोर्ट चला गया।

श्याम लाल बनाम राकेश कंवर केस में हाई कोर्ट ने शिक्षा सचिव को 22 मई को कोर्ट में व्यक्तिगत तौर पर उपस्थित होने को कहा है। कोर्ट ने पूछा है कि जब शीला देवी बनाम हिमाचल सरकार केस में कांट्रैक्ट अवधि को भी पेंशन के लिए काउंट किए जाने की आर्डर सुप्रीम कोर्ट से फाइनल हो चुके हैं, तो इन्हें लागू क्यों नहीं किया गया। सुनवाई के दौरान सरकार की ओर से अतिरिक्त महाधिवक्ता ने कोर्ट में बताया कि फाइनांस सेक्रेटरी ने इस बारे में एक कमेटी का गठन किया है, जो इस जजमेंट को लागू करने के लिए काम कर रही है। जवाब में कोर्ट ने कहा था कि यह आदेशों की कंप्लायंस नहीं है।

इस मामले में अब किसी भी तरह की कमेटी की कोई आवश्यकता नहीं है। शिक्षा विभाग ने इन आदेशों की अनुपालना जानबूझकर नहीं की है। यदि सिर्फ कमेटी बनाकर ही काम चला रहे हैं, तो यह कॉमन सेंस का इस्तेमाल नहीं है।

इस शर्त के कारण नहीं मिली थी पेंशन

हिमाचल में पेंशन की पात्रता के लिए कम से कम 10 साल की सेवा जरूरी है। राज्य में पहले कांट्रैक्ट सर्विस की अवधि आठ साल थी, जो अब कम होते-होते दो साल रह गई है। जिन कर्मचारियों ने सरकारी विभागों में लंबी कांट्रैक्ट अवधि लगाई है, उनमें से कइयों के रेगुलर सर्विस के 10 साल पूरे नहीं हुए थे। इस कारण इन्हें बिना पेंशन रिटायर होना पड़ा था। अब शीला देवी केस में सुप्रीम कोर्ट ने अनुबंध अवधि को भी पेंशन के लिए काउंट करने को कहा है। इस मामले में सात अगस्त, 2023 को फाइनल ऑर्डर आ गया था।

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