पंजाब दस्तक, सुरेंद्र राणा: भारतीय जनता पार्टी ने 18 राज्यों के 195 लोक सभा उम्मीदवारों की घोषणा कर 2024 के लोक सभा चुनाव का शंखनाद फूंक दिया है। इन 18 राज्यों की सूची में पंजाब को स्थान नहीं दिया गया है।
इसका मुख्य कारण पंजाब में भाजपा के सबसे पुराने सांझेदार शिरोमणि अकाली दल के साथ पुन: गठबंधन नहीं होने को बताया जा रहा है। भाजपा और शिअद के बीच गठबंधन में सबसे बड़ा पेंच किसानी संघर्ष है। जोकि राज्य में 13 फरवरी से चल रहा है।
अकाली दल गठबंधन से पहले भाजपा से सुरक्षित राह की मांग कर रहा है। ताकि पंथ के साथ-साथ किसानी का उसका चेहरा भी बरकरार रहे। भाजपा भी कमोवेश इसके लिए तैयार दिख रही है। शिरोमणि अकाली दल पंजाब में सिख पंथ और किसान का चेहरा रहा है। 2020 में तीन कृषि कानून के कारण ही अकाली दल ने भाजपा के साथ अपना गठबंधन तोड़ लिया था। गठबंधन तोड़ना शिअद को रास नहीं आया।
