शिमला, सुरेंद्र राणा: हिमाचल प्रदेश में पूर्व CM वीरभद्र के मंत्री बेटे विक्रमादित्य की सीएम सुखविंदर सुक्खू से नाराजगी खत्म नहीं हो रही। सूत्रों के मुताबिक विक्रमादित्य हिमाचल में कांग्रेस सरकार का साथ छोड़ सकते हैं। वह यहां पिता के नाम पर ‘वीरभद्र कांग्रेस’ बना सकते हैं।
विक्रमादित्य पिछले 3 दिन से दिल्ली में डटे हुए हैं। जिसके बाद वह अपने सोशल मीडिया अकाउंट से कांग्रेस का टैग भी हटा चुके हैं। उन्होंने खुद को हिमाचल का सेवक बताया है।
उनसे जुड़े करीबी सूत्रों के मुताबिक उनकी भाजपा के केंद्रीय नेतृत्व से भी बातचीत की चर्चा है। इससे पहले भी वह कांग्रेस की पार्टीलाइन से हटकर अयोध्या में श्रीराम लला प्राण प्रतिष्ठा कार्यक्रम में शामिल होने पहुंच गए थे।
वहीं विक्रमादित्य के कड़े रुख को देखते हुए डिप्टी CM मुकेश अग्निहोत्री भी सरकार बचाने के लिए एक्टिव हुए हैं। उन्होंने विक्रमादित्य की मां और हिमाचल कांग्रेस अध्यक्ष प्रतिभा सिंह से मुलाकात की। यह मुलाकात प्रतिभा के घर होलीलॉज में हुई। डिप्टी सीएम को प्रतिभा सिंह का करीबी माना जाता है।
सूत्रों की मानें तो प्रतिभा सिंह ने इस बात पर नाराजगी जताई कि हाईकमान द्वारा भेजे ऑब्जर्वर डीके शिव कुमार और भूपेंद्र सिंह हुड्डा के कहने के बावजूद सरकार और पार्टी की कोऑर्डिनेशन कमेटी नहीं बनी।
इसके बाद डिप्टी सीएम मुकेश अग्निहोत्री रविवार शाम को ही चंडीगढ़ रवाना हो गए। यहां वे हिमाचल भवन में ठहरेंगे। इस दौरान उनकी ऑब्जर्वर भूपेंद्र हुड्डा से मुलाकात हो सकती है।
हालांकि विक्रमादित्य अभी किसी से कोई बात नहीं कर रहे हैं। इसको लेकर पूर्व CM और विपक्षी दल भाजपा के नेता जयराम ठाकुर ने भी कहा कि सरकार कभी भी जा सकती है। कार्यकर्ता हर स्थिति के लिए तैयार रहें।
