पंजाब की वित्तीय स्थिति चिंताजनक : समय रहते न सम्भाला तो राज्य गर्त में चला जाएगा:अमित 

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चंडीगढ़, सुरेंद्र राणा पंजाब प्रदेश कॉंग्रेस के कोषाध्यक्ष एवं पूर्व विधायक अमित विज ने राज्य की वित्तीय अव्यवस्था पर चिंता व्यक्त की है। यहाँ जारी एक वक्तव्य में उन्होंने कहा राज्य की आम आदमी पार्टी की भगवंत मान सरकार को कर्ज बढ़ाने की बजाय राजस्व पैदा करने पर ध्यान देना चाहिए। चुनाव से पहले पार्टी ने लोगों को आश्वासन दिया कि वे खनन और ठेकों से बचत से हर साल 52 हज़ार करोड़ रुपये अतिरिक्त राजस्व अर्जित करेंगे। लेकिन इसके विपरीत सरकार ने 18 महीनों में ही राज्य की जनता पर 50000 करोड़ का कर्ज डाल दिया है। यदि यही सरकार की स्पीड रही,और इसे रोका न गया तो ये साल होते होते कर्ज 66000 करोड़ हो जाएगा । जिससे ऋण के साथ हमारी ब्याज भुगतान किस्त बढ़ जाएगी, पूंजीगत परियोजनाओं और केंद्र सरकार प्रायोजित योजनाओं में निवेश करने की हमारी क्षमता कम हो जाएगी । उन्होंने कहा इन योजनाओं का लाभ हम केवल तभी उठा सकते हैं जब हम राशि का 50% योगदान करते हैं।

विज ने नियंत्रक और महालेखा परीक्षक ( कैग) की रिपोर्ट का हवाला देते बताया कि वित्तीय वर्ष 2022-23 के 95378 करोड़ रुपये के राजस्व लक्ष्य के मुकाबले, सरकार 87556 करोड़ रुपये ही हासिल कर सकी, जिसका मतलब है कि राज्य सरकार को 7822 करोड़ रुपये कम राजस्व प्राप्त हुआ। वित्त वर्ष 2023-2024 के लिए आप सरकार का राजस्व लक्ष्य 206224 करोड़ रुपये है और अगस्त, 2023 तक सरकार ने केवल 70330 करोड़ रुपये हासिल किए हैं, जो 5 महीनों में केवल 22% है, जो अच्छी स्थिति नहीं है,बल्कि बहुत खराब स्थिति है।

उन्होंने कहा सरकार को पूंजी निवेश और उद्योग खोलकर राजस्व लक्ष्य हासिल करने के लिए काम करना चाहिए। लेकिन इसके विपरीत सरकार चालान/उद्योग और वाणिज्यिक दुकानों की बिजली दरें बढ़ाने/पेट्रोल और डीजल पर वैट बढ़ाने आदि के माध्यम से राजस्व कमा रही है। यह खराब आर्थिक निर्णय है क्योंकि जुर्माना कभी भी राजस्व का स्रोत नहीं होना चाहिए । उन्होंने इसके लिए राजस्व विभाग की खराब नीतियों को गलत बताते कहा (एनओसी मुद्दे) और क्रशर दरों में उच्च वृद्धि (एक ट्रॉली रेत की कीमत लगभग 13000 रुपये है) के कारण संपूर्ण विकास लगभग रुका हुआ है, जिससे बेरोजगारी और बढ़ गई है,राज्य के सकल घरेलू उत्पाद में कमी आई है।

उन्होंने कहा अब समय आ गया है कि सरकार को अपनी नीतियों में सुधार करना चाहिए और विकास के लिए गंभीरता से काम करना चाहिए। हम एक जिम्मेदार विपक्ष के रूप में राज्य के हित में 100% समर्थन देने को तैयार ।

उन्होंने कहा समय आ गया हैं कि सरकार को विकास की दिशा में ईमानदारी से काम करना पड़ेगा ।

उन्होंने मुख्यमंत्री और राज्यपाल के बीच टकराव का जिक्र करते इसे दुर्भाग्यपूर्ण बताया और कहा इसका पंजाबियों पर बुरा असर पड़ रहा है । उन्होंने कहा राज्य को विकास की पटरी पर चलने के लिए मुख्यमंत्री और राज्यपाल पहियों का काम करते हैं,यदि इनमे ही खराबी होगी तो विकास कैसे होगा और जनता की भलाई कैसे होगी।

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