शिमला, सुरेंद्र राणा: मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने गुरुवार को विभानसभा में हिमाचल प्रदेश नगरपालिका सेवा संशोधन विधेयक 2023 पेश किया। इसमें प्रदेश के पांचों नगर निगमों की सेवाओं को राज्यस्तरीय करने का प्रस्ताव रखा गया।
सीएम ने स्पष्ट किया कि हिमाचल प्रदेश में पूर्व में एकमात्र नगर निगम शिमला में होने के चलते इसमें नियुक्त अधिकारियों और कर्मचारियों की सेवाओं को राज्यस्तरीय सेवाएं नहीं माना गया। केवल नगर परिषद और नगर पंचायत की सेवाओं को ही राज्यस्तरीय सेवाएं माना गया।
यानी अब विभिन्न श्रेणियों के अधिकारी और कर्मचारी यहां से वहां स्थानांतरित हो सकेंगे। मुख्यमंत्री ने इस संशोधन विधेयक को प्रस्तुत करते हुए कहा कि हिमाचल प्रदेश में पांच नगर निगम हैं। ये नगर निगम शिमला के अलावा धर्मशाला, सोलन, मंडी और पालमपुर में हैं।
ऐसे में प्रस्ताव किया गया है कि इन नगर निगमों की सेवाओं को भी राज्यस्तरीय सेवाओं में सम्मिलित किया जाए। इसके लिए हिमाचल प्रदेश नगर पालिका सेवाएं अधिनियम-1994 को संशोधित करने का प्रस्ताव किया गया। इस संबंध में पहले ही अध्यादेश लाया जा चुका है और इस विधान को लागू किया जा चुका है।
