पंजाब दस्तक: पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने मंगलवार को डीजीपी गौरव यादव समेत आला अधिकारियों के साथ पंजाब में अमन-कानून की स्थिति के बारे में समीक्षा बैठक की। सूत्रों के अनुसार इस बैठक में कट्टरपंथी अमृतपाल सिंह की गिरफ्तारी और राज्य में बढ़ रही बेअदबी की घटनाओं से उपजे हालात पर रणनीति बनाई गई। इस बैठक में मुख्यमंत्री के अतिरिक्त मुख्य सचिव ए. वेणु प्रसाद, प्रमुख सचिव (गृह) अनुराग वर्मा भी मौजूद थे।
मुख्यमंत्री ने बैठक में कहा कि यह सभी के लिए गौरव और तसल्ली की बात है कि पंजाब पुलिस राज्य में पैदा होने वाली किसी भी तरह की असुखद स्थिति से निपटने में पूरी तरह सक्षम है। पंजाब पुलिस एक पेशेवर फोर्स है, जो राज्य में अमन-कानून की स्थिति बनाए रखने में पूरी तरह से समर्थ है। पंजाब पुलिस ने पिछले समय में आतंकवाद से प्रभावशाली ढंग से निपटा है।
पंजाब पुलिस ने देश की सुरक्षा के लिए हमेशा अग्रणी भूमिका निभाई है और सीमापार से आईएसआई की गतिविधियों का सामना करते हुए अमन-कानून की स्थिति को हर कीमत पर बरकरार रखा है। पंजाब पुलिस का आधुनिकीकरण समय की जरूरत बन चुका है क्योंकि बदले हालात में फोर्स के लिए चुनौतियां कई गुना बढ़ गई हैं।
इस बैठक में लिए गए फैसलों के बारे में अधिकारिक तौर पर खुलासा नहीं किया गया लेकिन बैठक के बाद डीजीपी यादव ने कहा कि बेअदबी की घटनाओं को लेकर धार्मिक स्थलों के प्रबंधकों को सुरक्षा उपायों संबंधी दिशानिर्देश भेजे गए हैं, जिनमें सीसीटीवी कैमरे लगाने के साथ-साथ आने-जाने वालों के व्यवहार पर नजर रखने को भी कहा गया है।
