शिमला, सुरेंद्र राणा: जालंधर उपचुनाव में कांग्रेस की उम्मीदवार करमजीत कौर के नामांकन से कुछ दिन पहले आम आदमी पार्टी ने 100 सालों से कांग्रेस से जुड़े करतारपुर से पूर्व विधायक चौधरी सुरिंदर सिंह को आप में शामिल कर लिया था। तबसे चौधरी परिवार में फूट के कयास लगाए जा रहे थे। लेकिन शनिवार को जालंधर में पार्टी दफ्तर में सीएलपी नेता प्रताप सिंह बाजवा, पंजाब प्रभारी हरीश चौधरी, पूर्व केबिनेट मंत्री और सीनियर नेता सुखजिंदर सिंह रंधावा और पूर्व केबिनेट मंत्री अवतार सिंह हेनरी ने चौधरी सुरिंदर सिंह की 6 दिन में ही कांग्रेस में घर वापसी करवा दी।
6 दिन पहले जो झटका कांग्रेस को लगा था अब उसका दर्द आप को भी महसूस हो रहा है। जिस पार्टी में दादा-पिता 100 सालों से जुड़े थे मैं उसके साथ वापिस जुड़ना चाहता हूं। मेरी कुछ मजबूरी रही और कुछ नेताओं को बहकावे में आकर कांग्रेस को छोड़कर आम आदमी पार्टी ज्वाइन की थी। कुछ मांगें पार्टी से भी थी जो पूरी नहीं हुई तो गुस्सा भी था। हम चौधरी सुरिंदर सिंह की मांगों पर गौर करेंगे। वह पंजाब के हित के लिये सोचते हैं तो उनकी बात जरूरी मानी जाएगी।
घर वापसी पर पूर्व विधायक चौधरी सुरिंदर सिंह ने कहा कि जब से पार्टी को छोड़ा है उनका मन अशांत रहता था, कुछ बड़ी मजबूरी और राजनीतिक दबाव में पार्टी छोड़ी थी मैं उस बारे में बात नहीं करना चाहता।
