शिमला, सुरेन्द्र राणा: हिमाचल प्रदेश के मंडी जिले की चौहारघाटी में आज मां-बेटी के 2 शव बरामद कर हुए हैं। दोनों के शव उनके क्षतिग्रस्त मकान के साथ मलबे में दबे थे। रेस्क्यू टीम को चौथे दिन सफलता मिली है। चौहारघाटी में अब दो लोग लापता है। यहां पर बुधवार आधी रात को तीन परिवार के 11 लोग दब गए थे। इनमें से 8 के शव मिल गए हैं, जबकि एक को घायल रेस्क्यू किया गया।
वहीं, शिमला के समेज में 36 और कुल्लू के बागीपुल में 5 लोगों का 85 घंटे बाद भी सुराग नहीं लग पाया है। प्रशासन ने गुमशुदा लोगों की तलाश के लिए लाइव डिटेक्टर डिवाइस और खोजी कुत्तों को मौके पर बुलाया है। इनकी मदद से आज सर्च ऑपरेशन चल रहा है।
जहां-जहां खोजी कुत्तों को लोगों के दबे होने का संकेत मिल रहा है, वहां-वहां जेसीबी से लोगों को खोजने के लिए खुदाई की जा रही है। एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, सीआईएफ, पुलिस और होमगार्ड के जवान लोगों की तलाश में जुटे हैं। तीन दिन से सर्च ऑपरेशन में कोई सफलता नहीं मिल पाई है। इससे अब मलबे में दबे लोगों के जिंदा मिलने की उम्मीदें भी टूट गई हैं।
कुल्लू के बागी पुल में भी एक ही परिवार के 5 सदस्य सहित 7 लोग लापता हो गए थे। इनमें एक महिला व एक पुरुष का शव मिल चुका हैं, जबकि 5 अभी भी लापता हैं। इनमें दो नेपाली भी शामिल है। राहत की बात यह है कि पिछले लगभग 55 घंटे से ज्यादातर इलाकों में बारिश नहीं हुई। जिस कारण खतरनाक हो चुके नदी-नालों का जलस्तर कम हो रहा है।
