पंजाब/हरियाणा: सुरेंद्र राणा: हरियाणा की नई आबकारी नीति को मंगलवार को कैबिनेट बैठक में मंजूरी दे दी गई। इसके तहत देसी व अंग्रेजी शराब के रेट करीब 5% बढ़ेंगे। लो कंटेंट वाली बीयर व वाइन के रेट करीब 10% कम होंगे। शराब ठेकों की संख्या 2500 से घटाकर 2400 की जाएगी।
शराब की दुकानों व गोदामों में सीसीटीवी लगाना अनिवार्य होगा। शराब खरीदने वाले को पीओएस मशीन से पर्ची देनी होगी। ऐसा न करने पर जुर्माना होगा। 10 गलतियों के बाद प्रति गलती 10 हजार और 20 गलती के बाद प्रति गलती 20 हजार रु. जुर्माना लगेगा।
इसके बाद ठेका भी रद्द हो सकता है। पंचकूला में श्री माता मनसा देवी मंदिर पवित्र क्षेत्र और किसी भी गुरुकुल के पास ठेके नहीं खुलेंगे। पहले सिर्फ कन्या गुरुकुल के लिए यह प्रावधान था। गांवों में अहाते नहीं खुलेंगे। 29 फरवरी 2024 से प्लास्टिक की बोतल में शराब बिक्री बंद होगी।
यह कांच की बोतल में बिकेगी। इसका मकसद तस्करी रोकना है। थोक लाइसेंसधारक द्वारा किसी भी प्लेटफॉर्म पर शराब के प्रचार के विज्ञापनों पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा। डिप्टी सीएम दुष्यंत चौटाला के अनुसार, आबकारी राजस्व 10,000 करोड़ रु. से ऊपर ले जाने का लक्ष्य है।
गौड़ ब्राह्मण विद्या प्रचारिणी सभा को रोहतक के पहरावर में नगर निगम की 15 एकड़ जमीन 33 साल के लिए पट्टे पर देने को मंजूरी दी है। यह संस्था रोहतक में एक डिग्री कॉलेज, एक बीएड कॉलेज और एक स्कूल चला रही है। इस जमीन का उपयोग मौजूदा शैक्षणिक संस्थानों के विस्तार के लिए होगा।
रोहतक नगर निगम और गौड़ ब्राह्मण विद्या प्रचारिणी सभा के बीच एक समझौता कराया जाएगा। 2008 में यह जमीन संस्था को 33 वर्ष के पट्टे पर दी थी। तब शर्त थी कि 2 वर्ष में निर्माण कराना होगा। इसे 2 वर्ष और बढ़ाया जा सकता है। इस जमीन को लेकर काफी विवाद हुआ।
अब 14 साल बाद यह जमीन 33 साल के लिए 2056 तक पट्टे पर दी गई है। निर्माण के लिए 5 साल का समय दिया है। यह समय 5 साल और बढ़ाया जा सकेगा। जमीन पहले 3 टुकड़ों में थी। अब यह एकसाथ 15 एकड़ कर दी है। कैबिनेट ने 6 नए उपमंडल बनाए जाने को मंजूरी दी है।
इनमें गुड़गांव में मानेसर, करनाल में नीलोखेड़ी, पानीपत में इसराना, यमुनानगर में छछरौली, महेंद्रगढ़ में नांगल चौधरी व जींद में जुलाना शामिल है। सीएम ने इनके साथ भिवानी के बवानीखेड़ा व रोहतक के कलानौर को भी उपमंडल बनाने की घोषणा की थी।
अब राज्य लेखा परीक्षा निदेशालय बनेगा। इस पर वित्त विभाग का प्रशासनिक नियंत्रण रहेगा। यह विभागों, बोर्डों, निगमों, सहकारी समितियों, विश्वविद्यालयों, प्राधिकरणों, निकायों, संस्थानों की आंतरिक लेखा परीक्षा करेगा। इसमें सभी प्रकार का बजट शामिल होगा। ऑडिट जनरल के अलावा बजट खर्च पर यह निदेशालय भी निगरानी रखेगा।
नई आबकारी नीति ये हैं प्रमुख बिंदु
शराब परोसने वाले होटल, पब, बार, रेस्त्रां, कैफे के बाहर चेतावनी बोर्ड लगेंगे।
पब कैटेगिरी (एल-10ई) यानी बीयर व वाइन के उपभोग के लिए लाइसेंस शुल्क कम किया गया।
देसी, भारत में बनी विदेशी व आयातित विदेशी शराब के मूल कोटे में बढ़ोतरी की।
देसी शराब भारत में बनी विदेशी शराब पर उत्पाद बढ़ा।
लो कंटेंट वाली बीयर, वाइन पर एक्साइज ड्यूटी घटाई।
शहरों और सरायों में खुदरा, थोक लाइसेंसधारियों के लिए अग्निशमन उपकरण जरूरी।
जिला स्तर पर आईएफएल (बीआईओ) के लेबल का नवीनीकरण किया जाएगा।
छोटी (क्राफ्ट) ब्रेवरीज की लाइसेंस फीस कम की है।
वाइनरी की सुपरवाइजरी फीस में कमी की गई है।
खुदरा परमिट शुल्क से 400 करोड़ रु. राजस्व का लक्ष्य। इसका उपयोग पर्यावरण और गो सेवा पर किया जाएगा।
