शासन-प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड पर; ‘पंजाब दस्तक’ की उत्तर भारत के पर्यटकों से खास अपील—रास्ते देख और सोच-समझकर ही निकालें गाड़ियां!
पंजाब दस्तक ब्यूरो, शिमला
महा-कवरेज: सुरेंद्र राणा (ब्यूरो चीफ)
शिमला/कुल्लू:
हिमाचल प्रदेश में मानसून ने एक बार फिर अपना प्रचंड और रौद्र रूप दिखाना शुरू कर दिया है। पहाड़ों पर आसमान से बरस रही आफत के कारण नदियां, खड्ड और बरसाती नाले पूरी तरह उफान पर हैं, जिससे पूरी घाटी में जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। कुल्लू जिले की सैंज घाटी में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश के बाद ‘पागल नाला’ में अचानक आई बाढ़ ने भारी तबाही मचाई है। नाले के रौद्र रूप के कारण भारी मात्रा में मलबा और बड़ी-बड़ी चट्टानें सड़क पर आ गई हैं, जिसके चलते लार्जी-सैंज हाईवे (Larji-Sainj Highway) को वाहनों की आवाजाही के लिए पूरी तरह बंद करना पड़ा है।
पंजाब दस्तक की विशेष ग्राउंड रिपोर्ट के अनुसार, राज्य में मानसून की एंट्री के बाद से अब तक सामान्य से 63% अधिक वर्षा दर्ज की जा चुकी है। सबसे बड़ी चिंता की बात यह है कि मौसम विभाग (IMD) के अनुसार, अगले 6 दिनों तक इस स्थिति से राहत मिलने की कोई उम्मीद नहीं है। मौसम विज्ञान केंद्र ने स्थिति की गंभीरता को देखते हुए 7 जुलाई के लिए कांगड़ा, सोलन और सिरमौर जिलों में भारी से अत्यंत भारी बारिश का ‘ऑरेंज अलर्ट’ भी जारी कर दिया है।
प्रशासनिक मुस्तैदी और सरकारी निर्देश
मौसम के इस बदले मिजाज को देखते हुए सूबे की सरकार और प्रशासनिक अमला पूरी तरह से एक्शन मोड में है। राज्य सचिवालय से लेकर जिला मुख्यालयों तक उच्च स्तरीय बैठकों का दौर जारी है। मुख्यमंत्री कार्यालय (CMO) से सभी जिला उपायुक्तों (DCs) और पुलिस अधीक्षकों (SPs) को स्पष्ट निर्देश जारी किए गए हैं कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में 24 घंटे मुस्तैद रहें।
प्रशासन का आधिकारिक रुख:
सरकारी प्रवक्ता और आपदा प्रबंधन सेल के वरिष्ठ अधिकारियों के अनुसार, “राज्य में राहत और बचाव कार्यों के लिए SDRF और स्थानीय क्विक रिस्पॉन्स टीमों (QRT) को स्टैंडबाय पर रखा गया है। लोक निर्माण विभाग (PWD) को बंद रास्तों और हाईवे को तुरंत बहाल करने के लिए भारी मशीनरी (JCB) संवेदनशील स्थानों पर तैनात करने के आदेश दिए गए हैं। सरकार स्थिति पर पूरी नजर बनाए हुए है और किसी भी अप्रिय घटना से निपटने के लिए संसाधन पर्याप्त हैं। आम जनता और पर्यटकों को पैनिक करने की जरूरत नहीं है, बस सरकारी गाइडलाइंस का पालन करना जरूरी है।”
ग्राउंड जीरो पर ‘पंजाब दस्तक’ के जांबाज: हर जिले से लाइव कवरेज
इस मुश्किल और चुनौतीपूर्ण मौसम में भी ‘पंजाब दस्तक’ की टीम सबसे विश्वसनीय और धारदार पत्रकारिता की मिसाल पेश कर रही है। हमारे रिपोर्टर अपनी जान की परवाह न करते हुए हर जिले और कंसर्निया (संबंधित क्षेत्र) से आप तक पल-पल की लाइव अपडेट पहुंचा रहे हैं:
शिमला से ब्यूरो चीफ सुरेंद्र राणा: राजधानी शिमला और आसपास के पहाड़ी क्षेत्रों में सुबह से ही मूसलाधार बारिश जारी है। प्रशासनिक मुस्तैदी और बंद सड़कों को बहाल करने की हर हलचल पर हमारी पैनी नजर बनी हुई है।
धर्मशाला और मंडी से भेषज: कांगड़ा जिले में सुबह से लगातार जारी तेज बारिश के कारण कई रिहायशी इलाकों में जलभराव की गंभीर स्थिति है, जिसे प्रशासन नियंत्रित करने में जुटा है।
हमीरपुर से उमांशी राणा: हमीरपुर के सुजानपुर बाजार में मूसलाधार बारिश के बाद सड़कें नदियां बन चुकी हैं। टोनी देवी क्षेत्र में मूसलाधार बारिश के कारण कुछ घंटों के लिए दोपहिया वाहनों के पहिए पूरी तरह थम गए और लोग सिर ढकने के लिए सुरक्षित ठिकानों की तलाश करते नजर आए।
किन्नौर और लाहौल-स्पीति से राजेंद्र नेगी व टीम: जनजातीय जिलों में मौसम का मिजाज बेहद कड़ा है। यहाँ 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से बर्फीली और तेज हवाएं चल रही हैं। हमारी टीम ऊंचाई वाले इलाकों से पल-पल की खबर दे रही है।
ऊना, बिलासपुर और मैदानी क्षेत्रों से काजल व मीनाक्षी: पंजाब की सीमाओं से सटे इलाकों से लेकर हिमाचल की ऊंची चोटियों तक, हमारी टीमें हर बड़ी खबर सबसे पहले आप तक पहुंचा रही हैं।
उत्तर भारत के पर्यटकों के लिए ‘पंजाब दस्तक’ की विशेष गाइडलाइंस: सोच-समझकर बनाएं प्लान!
बरसात के इस मौसम में हिमाचल की वादियां बेहद खूबसूरत, हरी-भरी और सुहावनी हो गई हैं। सैलानियों के लिए हिमाचल आना पूरी तरह से सेफ है और राज्य आपका स्वागत करने के लिए तैयार है। मौसम अच्छा है, बारिश का आनंद लिया जा सकता है, लेकिन पहाड़ों के सफर में थोड़ी सी सावधानी ही आपकी सबसे बड़ी सुरक्षा है। पंजाब दस्तक अपने तमाम दर्शकों और विशेष रूप से पंजाब, हरियाणा, दिल्ली और पूरे नॉर्थ इंडिया से आने वाले पर्यटकों से यह विशेष अपील करता है:
पहाड़ी के नीचे भूलकर भी न खड़ी करें गाड़ियां: बारिश के दौरान भूस्खलन (Landslides) और पहाड़ी से पत्थर गिरने (Shooting Stones) का खतरा सबसे ज्यादा होता है। अपनी गाड़ियां किसी खड़ी पहाड़ी, डेंजर जोन या भूस्खलन संभावित क्षेत्र के नीचे कतई पार्क न करें। वाहनों को हमेशा खुले, समतल और सुरक्षित स्थान पर ही खड़ा करें।
नदी-नालों से बिल्कुल दूर रहें: पहाड़ों में ‘फ्लैश फ्लड’ (अचानक आने वाली बाढ़) का खतरा हमेशा रहता है। किसी भी नदी, खड्ड या बरसाती नाले के पास सेल्फी लेने, पैर डुबाने या घूमने की गलती बिल्कुल न करें।
रास्ते देख-सोचकर ही निकलें: भारी बारिश के कारण कई जगहों पर विजिबिलिटी (दृश्यता) बेहद कम हो जाती है और रास्ते ब्लॉक हो जाते हैं। इसलिए जब भी घर से निकलें, रास्तों का पूरा अपडेट लेकर और सोच-समझकर ही अपनी यात्रा की योजना बनाएं।
प्रशासन का पूरा सहयोग करें: स्थानीय प्रशासन और मौसम विभाग (IMD) की एडवाइजरी का पूरी तरह पालन करें। किसी भी आपातकालीन स्थिति में तुरंत स्थानीय प्रशासन या आपदा कंट्रोल रूम को सूचित करें।
सबसे तेज, सबसे सटीक… सिर्फ पंजाब दस्तक!
हिमाचल प्रदेश के मौसम का मिजाज और हर इलाके की प्रशासनिक व ग्राउंड रिपोर्ट पंजाब दस्तक हर दिन, हर घंटे सबसे पहले आप तक पहुंचा रहा है। पूरे उत्तर भारत के दर्शकों का यह अटूट भरोसा ही हमारी सबसे बड़ी ताकत है।
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