देश पर पेट्रोल-डीजल संकट के संकेत, बढ़ सकते हैं दाम

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नई दिल्ली:अमरीका-ईरान जंग से बने हालात और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की हालिया अपील और अब प्रधानमंत्री सहित कई मंत्रियों द्वारा पेट्रोल-डीजल बचाने के लिए काफिले में की गई कटौती से देश में पेट्रोल-डीजल के दाम बढऩे के संकेत साफ नजर आने लगे हैं। सरकार कहती रही है कि सब ठीक है, लेकिन आरबीआई ने बुधवार को कह दिया है कि ईरान जंग जारी रही, तो पेट्रोल-डीजल के दाम बढ़ाने पड़ सकते हैं। बता दें कि ईरान युद्ध से पहले 27 फरवरी को कच्चा तेल 67 डालर प्रति बैरल था, जो इस वक्त 107 डालर पहुंच गया है। यानी करीब 60 फीसदी की बढ़ोतरी, लेकिन चुनावी मजबूरी के चलते अभी तक सरकार ने पेट्रोल-डीजल के दाम नहीं बढ़ाए हैं। अब चुनाव खत्म हो गए हैं, तो सरकार पेट्रोल-डीजल के दाम बढ़ाकर आम आदमी को झटका दे सकती है। बता दें कि कच्चा तेल महंगा होने से देश की तीन प्रमुख तेल कंपनियों को अप्रैल से जून वाली तिमाही में मिलाकर 1.2 लाख करोड़ रुपए का घाटा होने का अनुमान है। मोटी-मोटी कैलकुलेशन है कि कंपनियों को अपना घाटा पूरा करने के लिए पेट्रोल पर 16 रुपए और डीजल 17 रुपए बढ़ाने की जरूरत है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पेट्रोल और डीजल बचाने की अपील देशवासियों से की थी और उन्होंने खुद भी इस पर अमल करना शुरू कर दिया है। पीएम नरेंद्र मोदी बुधवार को कैबिनेट की बैठक के लिए अपने घर से सिर्फ दो गाडिय़ों के साथ ही निकले। एक गाड़ी में वह खुद निकले, तो दूसरे वाहन में उनकी सुरक्षा में तैनात एसपीजी के लोग सवार थे। उधर, प्रधानमंत्री मोदी की अपील के बाद केंद्र सरकार के मंत्रियों और कई राज्यों के मुख्यमंत्रियों ने अपना काफिला घटा दिया है। इसके अलावा तमाम बैठकों को ऑनलाइन ही करने का फैसला लिया गया है। दिल्ली की सीएम रेखा गुप्ता और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी ऐसे फैसले लिए हैं।इसी बीच गृह मंत्री अमित शाह और केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा और नितिन गडकरी ने अपने काफिले में गाडिय़ों की संख्या आधी कर दी है। वहीं, दिल्ली में मंत्री आशीष सूद कार्यक्रम में जाने के लिए पहले मेट्रो और फिर ई-रिक्शा में बैठे। मध्य प्रदेश में जस्टिस डीडी बंसल साइकिल चलाकर हाई कोर्ट पहुंचे। वहीं,मुख्यमंत्री मोहन यादव ने अपने काफिले में गाडिय़ों की संख्या घटा दी है। मध्य प्रदेश में अब मंत्रियों और वीआईपी काफिलों में गाडिय़ों की संख्या सीमित की जाएगी। साथ ही सरकारी दौरों और भ्रमण के दौरान रैलियों पर भी रोक रहेगी। उधर, यूपी के मुख्यमंत्री योगी आादित्यनाथ ने भी अपने काफिले की गाडिय़ां घटाने के साथ राज्य के सांसदो और विधायकों को एक दिन बस-मेट्रो से चलने का आदेश दिया है। राज्य में जितने भी बड़े कारपोरेट ऑफिस हैं, वहां हफ्ते में दो दिन वर्क फ्रॉम होम होगा। इसके अलावा महाराष्ट्र में मंत्री आशीष शेलार ने विदेश यात्रा टालने का ऐलान किया है। उधर, महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडऩवीस के निर्देशों के आधार पर महाराष्ट्र के मंत्रियों और अधिकारियों के पहले से मंजूर विदेश दौरे रोक दिए गए हंै। अब अंतरराष्ट्रीय सहयोग से जुड़े काम वर्चुअल प्लेटफॉर्म के जरिए किए जाएंगे, ताकि सरकारी खर्च कम हो सके।

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