तीन साल में हिमाचल में कानून व्यवस्था की बिगड़ी स्थिति, जयराम ठाकुर बोले मुख्यमंत्री बेबस

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शिमला, सुरेंद्र राणा;मंडी हत्याकांड के बाद हिमाचल प्रदेश में कानून व्यवस्था को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं। नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने प्रदेश की कांग्रेस सरकार पर तीखा हमला बोला है। चंबा के मनोहर हत्याकांड और अब मंडी में कॉलेज छात्रा की हत्या जैसे मामलों को लेकर उन्होंने सरकार की तीन साल की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि सरकार और कांग्रेस पार्टी मंडी मामले में पीड़ित परिवार के प्रति संवेदना तक व्यक्त नहीं कर पाई हैं।वीओ,,,जयराम ठाकुर ने शिमला में पत्रकार वार्ता के दौरान कहा कि कांग्रेस सरकार बनने के बाद प्रदेश में कानून व्यवस्था बिगड़ी है। चंबा के मनोहर हत्याकांड का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि इस तरह की घटनाओं पर रूटीन की कार्रवाई से अपराधियों के हौसले बढ़ रहे हैं।मंडी में कॉलेज छात्रा की हत्या के मामले में उन्होंने कहा कि आरोपी को ग्रामीणों ने करीब दो किलोमीटर दूर पकड़ लिया। उन्होंने कहा कि आरोपी के नशा करने की बात सामने आई है, लेकिन यह जांच का विषय है कि इसमें कोई और भी शामिल था या नहीं। उन्होंने पीड़ित परिवार से मुलाकात का जिक्र करते हुए कहा कि परिवार बेहद गरीब है।नशे के मुद्दे पर उन्होंने सरकार को घेरते हुए कहा कि एक ओर बड़े-बड़े मैराथन आयोजित किए जा रहे हैं, वहीं दूसरी ओर जमीनी स्तर पर स्थिति गंभीर बनी हुई है। आंकड़ों का हवाला देते हुए जयराम ठाकुर ने कहा कि तीन वर्षों में NDPS के 6246 मामले दर्ज हुए हैं। 66 लोगों की नशे की ओवरडोज से मौत हुई है। हत्या के 239 और बलात्कार के 1011 मामले, चोरी के 3032 और डकैती के 9 मामले सामने आए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि तीन साल में महिलाओं के प्रति अत्याचार बढ़े हैं और सरकार इस पर संवेदनशीलता नहीं दिखा रही। इसके अलावा उन्होंने मुख्यमंत्री पर निशाना साधते हुए कहा कि वे केवल राजनीतिक बयानबाजी कर रहे हैं और प्रदेश की आर्थिक व सामाजिक स्थिति से उनका कोई लेना-देना नहीं है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि प्रदेश में अधिकारी तांडव मचा रहे हैं। मुख्यमंत्री को अधिकारी उंगली पर नचा रहे है। एक दूसरे पर भ्रष्टाचार के आरोप लगा रहे है लेकिन मुख्यमंत्री बेबस हैं। उन्होंने कहा कि अधिकारी दायित्व निभाने के बजाए रील बनाने में व्यस्त है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री का लक्ष्य केवल जैसे तैसे समय निकालना है।

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