शिमला, सुरेंद्र राणा: दिल्ली जाने से पहले मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने मुख्य संसदीय सचिवों को पोर्टफोलियो सौंप दिए हैं। इनको फैसला लेने का अधिकार नहीं होगा, मगर अपने सुझाव जरूर दे सकते हैं। कई दिनों से इनको विभाग दिए जाने का इंतजार किया जा रहा था। पहले 2 CPS को सीएम ने अटैच कर दिया था, मगर अब 4 अन्य CPS को भी विभाग दे दिए गए हैं।
इनमें 3 CPS सीधे मुख्यमंत्री के साथ अटैच होंगे। वहीं, साथ में अन्य विभागों में भी जोड़े गए हैं। मोहन लाल ब्राक्टा को मुख्यमंत्री ने अपने साथ रखा है। क्योंकि वह पेशे से वकील रहे हैं, इसलिए उनको कानून विभाग में सीएम के साथ अटैच किया गया है।
CPS राम कुमार को मुख्यमंत्री के साथ नगर नियोजन विभाग में रखा गया है। वहीं, उद्योग मंत्री के साथ उद्योग विभाग में भी जोड़ा है। ये उनकी एक अहम नियुक्ति है, क्योंकि राम कुमार औद्योगिक क्षेत्र BBN से संबंध रखते हैं। इसके अलावा वह राजस्व विभाग में भी मंत्री के साथ अटैच होंगे।
CPS आशीष बुटेल को मुख्यमंत्री ने अपने साथ शहरी विकास विभाग की जिम्मेदारी दी है। वहीं, शिक्षा विभाग में वह मंत्री के साथ उच्च शिक्षा व एलिमेंट्री शिक्षा विभाग में दायित्व देखेंगे। किशोरी लाल को कृषि मंत्री के साथ पशुपालन विभाग में अटैच किया गया है। वहीं, वह ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज विभाग में भी अटैच रहेंगे। इन दोनों विभागों के मंत्री के साथ उनको लगाया गया है।
भले ही इन मुख्य संसदीय सचिवों को निर्णय लेने का अधिकार नहीं है, मगर विभागों से जुड़ी सभी फाइलें इनके माध्यम से ही मंत्री तक जाएंगी। वह अपनी सलाह भी दे सकते हैं। सरकार ने महत्वपूर्ण विभागों का जिम्मा इन CPS को सौंपा है। पूर्व में ही कांग्रेस की ही सरकार ने CPS लगाए थे और उस समय उनको शक्तियां भी दी गई थीं। वर्तमान सरकार ने भी राजनीतिक गणित को साधने के लिए CPS बनाए हैं।
