शिमला, सुरेंद्र राणा: हिमाचल प्रदेश सरकार की खस्ता वित्तीय हालत के चलते एचआरटीसी (HRTC) के पेंशनर्स को पिछले दो महीने अगस्त और सितंबर से पेंशन नहीं मिली है, जिससे सेवानिवृत्त कर्मचारियों में भारी नाराजगी देखने को मिल रही है। नाराज पेंशनर्स ने अब सरकार के खिलाफ मोर्चा खोलने का निर्णय लिया है। इसी कड़ी में हिमाचल प्रदेश पेंशनर संयुक्त संघर्ष समिति 15 अक्टूबर को शिमला स्थित निगम मुख्यालय पर पेंशनर्स विशाल धरना-प्रदर्शन करेंगे, जिसमें निगम के करीब 8 हजार से अधिक पेंशनर्स अपने परिवार सहित शामिल होंगे।एचआरटीसी पेंशनर्स संयुक्त संघर्ष समिति के सचिव राजेन्द्र ठाकुर ने बताया कि दो महीने से पेंशन न मिलने से बुजुर्ग पेंशनर्स को बच्चों पर निर्भर रहना पड़ रहा है। उम्र के इस पड़ाव में यह स्थिति बेहद दुखद है।पेंशनर्स पिछले दो वर्षों से अपनी लंबित मांगों को लेकर अधिकारियों से लेकर मुख्यमंत्री तक गुहार लगा चुके हैं, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। एचआरटीसी पेंशनर्स को राज्य के अन्य पेंशनर्स के समान लाभ मिलना चाहिए। मार्च 2024 के बाद सेवानिवृत्त हुए पेंशनर्स को अब तक पेंशन नहीं मिलनी शुरू नहीं हुई है। राजेन्द्र ठाकुर ने सरकार को चेतावनी दी कि यदि सरकार ने जल्द समाधान नहीं किया, तो इसका खामियाजा उसे आने वाले पंचायत और 2027 के विधानसभा चुनावों में भुगतना पड़ेगा।
HRTC के अलावा अन्य पेंशनरों ने भी लंबित DA, एरियर और मेडिकल बिलों का भुगतान न होने पर सरकार के खिलाफ बड़े आंदोलन की चेतावनी दी है। शिमला में पेंशनर संयुक्त संघर्ष समिति ने बैठक कर 17 अक्टूबर को प्रदेशव्यापी धरने प्रदर्शन की चेतावनी दी है। पेंशनरों ने सचिवालय घेराव से भी पीछे न हटने की बात कही है और कहा है कि अगर 17 अक्टूबर से पहले सरकार उनकी 14 सूत्रीय मांगों को लेकर कोई कदम नहीं उठाया तो भविष्य में सरकार के ख़िलाफ़ बड़ा आंदोलन होगा।
