शिमला, सुरेंद्र राणा:हिमाचल प्रदेश के राज्यपाल कविंद्र गुप्ता ने सोमवार को शिमला के ऐतिहासिक गेयटी थियेटर में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की पत्रिका मातृवंदना के विशेषांक का विमोचन किया। इस दौरान उन्होंने पत्रिका को राष्ट्रभक्ति और राष्ट्रधर्म की भावना को जागृत करने वाला महत्वपूर्ण माध्यम बताया। साथ ही उन्होंने नारी शक्ति वंदन अधिनियम पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि भारतीय परंपरा में महिलाओं को सर्वोच्च स्थान दिया गया है और इस अधिनियम से महिलाएं केवल मतदाता ही नहीं, बल्कि नीति निर्धारक के रूप में भी उभरेंगी।उन्होंने कहा कि इस कानून की सफलता में सबसे बड़ी भूमिका मतदाताओं की होगी। राज्यपाल कविंद्र गुप्ता ने मातृवंदना को एक ऐतिहासिक और प्रेरणादायक पत्रिका बताते हुए कहा कि यह लंबे समय से समाज में राष्ट्रभक्ति और राष्ट्रधर्म के मूल्यों को मजबूत करने का कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि ऐसी पत्रिकाएं नागरिकों में राष्ट्रीय चेतना और जिम्मेदारी का भाव विकसित करती हैं।राज्यपाल ने मीडिया की भूमिका पर भी जोर देते हुए कहा कि समाज के प्रति उनकी जिम्मेदारी बहुत बड़ी है और उन्हें अपने कर्तव्यों का निर्वहन पूरी ईमानदारी और निष्पक्षता के साथ करना चाहिए। उन्होंने कहा कि “मातृवंदना” जैसी पत्रिकाएं समाज को सही दिशा देने और सकारात्मक सोच विकसित करने में अहम योगदान देती हैं।नारी शक्ति वंदन अधिनियम पर बोलते हुए राज्यपाल ने कहा कि देश में लगभग 50 प्रतिशत मतदाता महिलाएं हैं और उन्हें केवल मतदाता तक सीमित नहीं रखा जा सकता, बल्कि नीति निर्माण में भी उनकी सक्रिय भागीदारी आवश्यक है। उन्होंने कहा कि इस अधिनियम का उद्देश्य महिलाओं को सशक्त बनाकर निर्णय प्रक्रिया में उनकी भूमिका को बढ़ाना है।भारतीय परंपरा का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि यहां नारी को सदैव उच्च स्थान मिला है, उदाहरण स्वरूप भगवान कृष्ण से पहले राधा का नाम लिया जाता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस अधिनियम की सफलता अंततः मतदाताओं पर निर्भर करेगी, क्योंकि लोकतंत्र में सबसे महत्वपूर्ण भूमिका जनता की होती है, उसके बाद राजनीतिक दलों और सामाजिक संगठनों की जिम्मेदारी आती है।
राज्यपाल ने हिमाचल के मंडी जिला के सरकाघाट में 19 वर्षीय बालिका की हत्या की घटना पर गहरा शोक व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश एक शांतिप्रिय राज्य है और इस प्रकार की घटनाएं बेहद दुर्भाग्यपूर्ण हैं।इसके अलावा उन्होंने कहा कि प्रदेश के समग्र विकास के लिए सभी को मिलकर कार्य करना होगा। राज्यपाल ने आश्वस्त किया कि वह सरकार के साथ बेहतर समन्वय स्थापित कर प्रदेश की उन्नति के लिए निरंतर प्रयासरत रहेंगे।

