विदेशी मेहमानों को गीता का ज्ञान देगा भारत, रात्रिभोज में यह अतिथि होंगे शामिल

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दिल्ली: भारत ने बुधवार को कहा कि वह जी-20 की अध्यक्षता के तहत खाद्य सुरक्षा कार्यक्रमों को और भी अधिक प्रभावी ढंग से आगे लाया है। इस दौरान कृषि कार्य समूह मोटे अनाज सहित दो पहलुओं पर ‘ऐतिहासिक सहमति’ लेकर आया है। कृषि मंत्रालय में जी-20 से संबंधित मामलों की प्रभारी संयुक्त सचिव स्मिता सिरोही ने बताया, यह वास्तव में ऐतिहासिक है, जब कृषि मंत्री खाद्य सुरक्षा और पोषण के मुद्दे पर बात करने के लिए एक साथ आए हों।

उन्होंने कहा, यह सात सिद्धांत लेकर आया है और इन सिद्धांतों का समर्थन करने पर सहमत हुआ है। केंद्रीय कृषि मंत्रालय की एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि यह ऐतिहासिक है, क्योंकि जबसे कृषि कार्यसमूह गठित हुआ है, तबसे खाद्य सुरक्षा और पोषण दो प्रमुख एजेंडा रहे हैं, लेकिन कभी भी कृषि मंत्रियों ने मंत्रिस्तरीय संवाद के अलावा कोई एकल स्तर पर घोषणा नहीं की है।

सिरोही ने कहा, खाद्य सुरक्षा और पोषण पर उच्चस्तरीय सिद्धांत सात सिद्धांतों का एक समूह हैं: मानवीय सहायता, खाद्य उत्पादन और खाद्य सुरक्षा जाल कार्यक्रम बढ़ाना, जलवायु-अनुकूल दृष्टिकोण, कृषि खाद्य प्रणाली की समावेशिता, स्वास्थ्य दृष्टिकोण, कृषि क्षेत्र का डिजिटलीकरण व कृषि में जिम्मेदार सार्वजनिक और निजी निवेश को बढ़ाना।

भारत मेहमानों को देगा गीता का ज्ञान
भारत विदेशी प्रतिनिधियों के समक्ष अपनी डिजिटल ताकत को प्रदर्शित करेगा, जिसमें आधार और यूपीआई जैसे प्रौद्योगिकी मंचों को दर्शाने के साथ ‘गीता’ एप के जरिये जीवन को समझने का मौका भी मिलेगा। इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय ने भारत मंडपम में डिजिटल इंडिया का एक अनुभव क्षेत्र भी स्थापित किया है, जहां पर पिछले कुछ वर्षों में देश को हासिल प्रौद्योगिकी उपलब्धियों को प्रदर्शित किया जाएगा। यहां पर विदेशी मेहमानों को पवित्र ग्रंथ गीता की शिक्षाओं एवं उसके दर्शन को समझने का मौका एक विशेष एप के जरिये मिल सकेगा।

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