शिमला, सुरेन्द्र राणा: राज्य कर एवं आबकारी विभाग ने उन बोर्ड व निगमों को शराब खरीदने व बेचने का लाइसेंस दे दिया है, जिन्हें हाल ही में शराब ठेके चलाने का काम सौंपा गया है। उनके द्वारा नियमों के तहत शराब बिक्री व उसकी खरीद के लिए लाइसेंस को अप्लाई किया जाएगा, जिसके लिए राज्य कर एवं आबकारी विभाग ने प्रावधान कर दिया है। इनके आवेदनों के साथ यह तय मात्रा में शराब की खरीद कर सकेंगे जो कि सीधे शराब डिस्टिलरी से हो सकेगी। अभी तक निजी शराब ठेकेदारों के पास लाइसेंस होते हैं, जिनके लिए अलग-अलग प्रावधान हैं अब क्योंकि सरकारी एजेंसियों को इस काम में लगा दिया गया है, तो उन्हें भी लाइसेंस की जरूरत है। बिना लाइसेंस इनके द्वारा बिक्री नहीं की जा सकती है।इसलिए इनको लाइसेंसधारक बनाने के लिए नियमों में प्रावधान हुए हैं वहीं इनसे सिक्योरिटी राशि भरी नहीं ली जाएगी।
सरकारी एजेंसियों को शराब ठेका चलाने का अधिकार देने को कैबिनेट से भी मुहर लगी है। लिहाजा इनको अधिकार दिया गया है, मगर नियमों में इसका प्रावधान करना भी जरूरी है। इसी वजह से राज्य कर एवं आबकारी विभाग ने नियमों में संशोधन को लेकर अधिसूचना जारी की है। यह अधिसूचना 30 अप्रैल से प्रदेश में लागू कर दी गई है। सरकरी एजेंसियों को छह फीसदी सिक्योरिटी अमाउंट भी नहीं देना होगा। इसके साथ एल 13 का कोटा भी यह ले सकेंगे।

