पंजाब दस्तक, धर्मशाला (वरिष्ठ पत्रकार सुशील): धर्मशाला से विधायक सुधीर शर्मा ने कांग्रेस कार्यकर्ताओं द्वारा किए गए प्रदर्शन और सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने के मामले पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि प्रदेश के भीतर दो तरफा कानून किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
सुधीर शर्मा ने आरोप लगाते हुए कहा कि प्रदर्शन के दौरान निर्वाचन आयोग के बोर्ड को नुकसान पहुंचाया गया, अभद्र भाषा का प्रयोग किया गया और स्प्रे पेंट से तोड़फोड़ की कोशिश की गई। इतना ही नहीं, सामने आए वीडियो में सरकारी भवन को जलाने तक की धमकियां दी जा रही हैं। उन्होंने मांग की कि इस पूरे घटनाक्रम की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और दोषियों के खिलाफ सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाए।
उन्होंने प्रशासन से आग्रह किया कि मौके की पूरी सीसीटीवी फुटेज और मीडिया रिपोर्ट्स के लाइव प्रसारण को तुरंत सुरक्षित किया जाए। उन्होंने सवाल उठाया कि जब जिला प्रशासन ने 30 सितंबर तक धरना-प्रदर्शन पर रोक लगा रखी थी, तो फिर यह प्रदर्शन किसकी शह पर हुआ? वहां तैनात पुलिसकर्मियों के साथ धक्का-मुक्की की गई, जो बेहद निंदनीय है।
सुधीर शर्मा ने सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कहा कि प्रदेश में सत्तारूढ़ दल के कार्यकर्ता सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचा रहे हैं और उन पर कोई लगाम नहीं है। दूसरी ओर, भारतीय जनता पार्टी का कोई कार्यकर्ता अगर नारा भी लगा दे तो तुरंत एफआईआर दर्ज कर दी जाती है। विधायक आशीष शर्मा गांधी चौक पर सिर्फ अपने विचार रख रहे थे, तो उनके खिलाफ आधी रात को एफआईआर दर्ज कर दी गई।
उन्होंने कहा कि इस तरह का दोहरा कानून और विपक्ष के प्रति बदले की भावना कांग्रेस की बौखलाहट को दर्शाती है। प्रदर्शन करना सभी का लोकतांत्रिक अधिकार हो सकता है, लेकिन सरकारी कार्यालयों और संपत्तियों को नुकसान पहुंचाना पूरी तरह अस्वीकार्य है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस पूरे देश में पूरी तरह मुद्दा विहीन हो चुकी है और अब केवल अनर्गल तरीकों से मुद्दे तलाशने में लगी है।
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