मोहाली से ग्राउंड जीरो विशेष रिपोर्ट: सुरेंद्र राणा
मोहाली: 26 तारीख को होने वाले मतदान के लिए मोहाली के वार्ड नंबर 41 स्थित सेक्टर 85 के पार्क नंबर 12 में बीती रात कांग्रेस की चुनावी रैली हुई। मोहाली नगर निगम (म्यूनिसिपल कॉर्पोरेशन) के इन 50 वार्डों के चुनाव में, जहां पूरे शहर में लाखों मतदाता हैं, इस रैली में जुटी भीड़ और चुनाव प्रचार के बीच यहां लगे आधिकारिक पोस्टरों ने एक बड़ा कौतूहल पैदा कर दिया है। आमतौर पर जहां भी ‘हाथ’ का निशान होता है, वहां पोस्टर पर गांधी परिवार का कोई ना कोई नाम या चेहरा जरूर होता है, लेकिन कॉर्पोरेशन के इस मिनी महामुकाबले में पंजाब कांग्रेस के तमाम दिग्गजों के नाम और चेहरे तो प्रमुखता से चमकाए गए हैं, लेकिन सदियों से पार्टी की धुरी रहे ‘गांधी परिवार’ और राष्ट्रीय नेतृत्व को पूरी तरह से बाहर रखा गया है।
वार्ड नंबर 41 के पोस्टरों में चमके ये बड़े नाम
रैली स्थल पर लगे पोस्टरों में पार्टी के वरिष्ठ नेताओं, प्रमुख चेहरों और स्थानीय चुनाव मैदान में उतरी कांग्रेस प्रत्याशी को स्थान दिया गया है। इन होर्डिंग्स में प्रमुख रूप से शामिल हैं:
पूर्व प्रधानमंत्री सरदार मनमोहन सिंह जी
पंजाब विधानसभा में विपक्ष के नेता व वरिष्ठ पॉलिटिकल लीडर प्रताप सिंह बाजवा जी
पंजाब कांग्रेस के अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग जी
पूर्व कैबिनेट मंत्री और पूर्व विधायक बलबीर सिंह सिद्धू जी
प्रमुख नेता श्री बी. के. गोयल जी
स्थानीय कांग्रेस उम्मीदवार श्रीमती स्वर्णजीत कौर ढिल्लों जी
इन सभी नेताओं के चेहरे और नाम पोस्टरों में दिखाई दे रहे हैं, जिससे साफ है कि प्रांतीय और स्थानीय स्तर पर प्रचार को मजबूती देने की कोशिश की गई है। इस रैली में उम्मीदवार श्रीमती स्वर्णजीत कौर ढिल्लों के पक्ष में पार्टी के कई बड़े लीडर्स ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई।
वार्ड के दौरे में सामने आई बात: कैमरे के सामने चुप्पी, पर दिलों में गहरी पीड़ा
इस पूरे घटनाक्रम में सबसे हैरान करने वाली और मुख्य मुद्दा बनने वाली बात यह रही कि पोस्टरों में राष्ट्रीय नेतृत्व का नामोनिशान तक नहीं है।
गांधी परिवार—जिसमें पूर्व कांग्रेस अध्यक्षा श्रीमती सोनिया गांधी जी, विपक्ष के नेता राहुल गांधी और राष्ट्रीय महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा शामिल हैं, और साथ ही अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे की तस्वीरें और नाम पोस्टरों से पूरी तरह गायब हैं।
जब पंजाब दस्तक की टीम ने वार्ड नंबर 41 का दौरा किया और इस विषय पर स्थानीय लोगों से बात की, तो धरातल पर एक अलग ही माहौल देखने को मिला:
कैमरे के सामने बोलने से कतराए लोग: चूंकि सभी स्थानीय लोग हैं और आपस में एक-दूसरे से पुराने संबंध हैं, इसलिए कैमरे के सामने कोई भी खुलकर बोलने को तैयार नहीं हुआ। लोग कैमरे के आगे साफ तौर पर बोलने से बचते और कतराते नजर आए।
अंदरूनी दर्द और छुपी हुई जुबां: भले ही लोग कैमरे पर चुप रहे, लेकिन बैक-कैमरा और छुपी हुई जुबां में उनके भीतर की अंदरूनी पीड़ा और दर्द साफ छलक कर बाहर आया।
समर्थकों का तीखा सवाल: लाखों मतदाताओं वाले मोहाली नगर निगम के इस चुनाव में गांधी परिवार को पार्टी का पर्याय मानने वाले पुराने और निष्ठावान मतदाताओं का अंदरखाने यही कहना है कि जहां ‘हाथ’ का निशान है, वहां श्रीमती सोनिया गांधी जी, राहुल गांधी, प्रियंका गांधी और पूरे गांधी परिवार का नाम पोस्टरों में कहीं ना कहीं तो जरूर होना चाहिए था। आखिर किसके इशारे पर और किस रणनीति के तहत इन्हें पोस्टरों से बाहर रखा गया?
पंजाब दस्तक की यह ग्राउंड रिपोर्ट यह साफ बयां करती है कि गांधी परिवार के प्रति गहरी आस्था रखने वाले इस हलके के लोगों के मन में यह सवाल इस समय सबसे बड़ा विषय बना हुआ है। पोस्टरों से शीर्ष परिवार और राष्ट्रीय अध्यक्ष का नाम हटाया जाना सिर्फ एक चूक है या किसी गहरे अंदरूनी समीकरण का हिस्सा, यह कौतूहल अब मोहाली की हवाओं में साफ महसूस किया जा रहा है।
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