रिज पर गूंजा ‘दीवार बोलेगी…’, सत्ती ने थामा माइक तो बिक्रम ठाकुर ने भरा कार्यकर्ताओं में जोश
रिज मैदान, शिमला से ब्यूरो चीफ सुरेंद्र राणा की ग्राउंड रिपोर्ट
हिमाचल प्रदेश विधानसभा में ‘वंदे मातरम’ के गायन को लेकर छिड़ा सियासी घमासान अब शिमला की सड़कों तक पहुंच गया है। नेता प्रतिपक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर के नेतृत्व में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) विधायक दल ने रविवार को ऐतिहासिक रिज मैदान स्थित राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की प्रतिमा के समक्ष जोरदार जवाबी धरना दिया और सामूहिक रूप से राष्ट्रगीत ‘वंदे मातरम’ का संपूर्ण गायन कर सरकार के खिलाफ सीधा मोर्चा खोल दिया। करीब डेढ़ घंटे तक चले इस धरने के दौरान पूरा रिज परिसर राष्ट्रभक्ति के गगनभेदी नारों और तरानों से गूंज उठा।
सत्ती ने संभाला माइक, बिक्रम ठाकुर के देशभक्ति गीतों से झूम उठे कार्यकर्ता
धरने के दौरान माहौल उस वक्त पूरी तरह देशभक्ति के रंग में रंग गया जब पूर्व भाजपा प्रदेश अध्यक्ष सतपाल सिंह सत्ती ने खुद माइक संभाला और पूर्व उद्योग मंत्री व विधायक बिक्रम सिंह ठाकुर ने ‘दीवार बोलेगी…’ सहित कई ओजस्वी देशभक्ति गीतों की भावपूर्ण प्रस्तुति दी। उनके साथ धरने पर बैठे सभी भाजपा विधायकों, पदाधिकारियों और सैकड़ों कार्यकर्ताओं ने पूरे जोश के साथ सुर मिलाया, जिससे रिज मैदान पर मौजूद आम जनता और पर्यटक भी राष्ट्रभक्ति के इस प्रवाह में शामिल हो गए।
आरोपों में सच्चाई है तो विधानसभा की पूरी वीडियो सार्वजनिक करे सरकार
मीडिया से सीधी बातचीत में नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने दो टूक कहा कि वंदे मातरम स्वतंत्रता संग्राम की मुख्य प्रेरणा और असंख्य वीर बलिदानियों के त्याग का प्रतीक रहा है। इसके सम्मान के साथ कोई भी समझौता देश कभी स्वीकार नहीं करेगा।
फुटेज सार्वजनिक करने की खुली चुनौती: जयराम ठाकुर ने कांग्रेस द्वारा भाजपा विधायकों पर लगाए गए राष्ट्रगान के अपमान के आरोपों को पूरी तरह मनगढ़ंत और झूठा करार दिया। उन्होंने कहा कि राष्ट्रगान के दौरान सत्ता पक्ष और विपक्ष के सभी सदस्य पूरे सम्मान के साथ खड़े थे। यदि कांग्रेस के आरोपों में जरा भी सच्चाई है, तो विधानसभा की पूरी और निष्पक्ष वीडियो फुटेज तुरंत सार्वजनिक की जाए।
हाईकोर्ट जाने पर भाजपा कर रही विचार: उन्होंने स्पष्ट चेतावनी दी कि भाजपा इस पूरे मामले में सभी कानूनी विकल्पों का बारीकी से परीक्षण कर रही है। यदि विधानसभा की वास्तविक कार्यवाही का वीडियो विपक्ष को उपलब्ध नहीं कराया गया, तो पार्टी न्याय के लिए हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाने से पीछे नहीं हटेगी।
कांग्रेस का इतिहास और संवैधानिक मर्यादा: पूर्व मुख्यमंत्री ने 1937 के कांग्रेस रुख और 1938 में पंडित जवाहरलाल नेहरू द्वारा मोहम्मद अली जिन्ना को लिखे पत्रों का उल्लेख करते हुए कहा कि कांग्रेस वर्किंग कमेटी का कोई भी राजनीतिक निर्णय देश के संविधान और लोकतांत्रिक संस्थाओं के ऊपर नहीं हो सकता। देश संसद और संविधान की व्यवस्थाओं से चलता है, किसी दल के फरमान से नहीं।
सदन में चर्चा से भाग रही है सत्ता पक्ष
नेता प्रतिपक्ष ने आरोप लगाया कि विपक्ष सदन के भीतर जनता से जुड़े ज्वलंत मुद्दों और जनहित के विषयों पर विस्तृत चर्चा चाहता है, लेकिन सत्ता पक्ष जवाबदेही से बचने के लिए खुद सदन में गतिरोध पैदा कर रहा है और वॉकआउट का नाटक रचकर चर्चा से भागने का प्रयास कर रहा है। सदन न होने के दिन भाजपा ने गांधी प्रतिमा के समक्ष एकत्रित होकर स्पष्ट संदेश दे दिया है कि राष्ट्रगीत के सम्मान और जनता के हकों के लिए यह लड़ाई जारी रहेगी।
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