पंजाब दस्तक
हरियाणा ब्यूरो रिपोर्ट: अमित कुमार
जींद: भारतीय रेलवे ने आज एक नया इतिहास रच दिया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज जींद जंक्शन से सोनीपत के लिए देश की पहली स्वदेशी हाइड्रोजन ट्रेन का भव्य शुभारंभ किया। प्रधानमंत्री के इस बड़े और ऐतिहासिक निर्णय के साथ ही भारत ने वैश्विक मंच पर अपनी तकनीकी क्षमता को सिद्ध कर दिया है। अब भारत दुनिया के उन चुनिंदा शक्तिशाली देशों की लीग में शामिल हो गया है, जिनके पास अपनी हाइड्रोजन ट्रेन तकनीक है।
वैश्विक स्तर पर जर्मनी, चीन, जापान और अमेरिका जैसे गिने-चुने देशों के पास ही यह एडवांस ग्रीन तकनीक उपलब्ध थी, लेकिन प्रधानमंत्री के दृढ़ संकल्प से आज भारत ने भी इस क्षेत्र में एक बड़ी छलांग लगाकर अपनी ताकत को सिद्ध किया है।
एक बार फुल होने पर चलेगी 400 किलोमीटर
तकनीकी विशेषताओं की बात करें तो यह ट्रेन पर्यावरण के पूरी तरह अनुकूल है और शून्य कार्बन उत्सर्जन करती है। इस ट्रेन में लगभग 500 किलोग्राम हाइड्रोजन गैस कैरी करने की क्षमता है। एक बार हाइड्रोजन टैंक फुल होने के बाद यह ट्रेन बिना रुके 400 किलोमीटर तक का सफर आसानी से तय कर सकती है। इसके साथ ही यह दुनिया की सबसे ज्यादा यात्री क्षमता के साथ चलने वाली हाइड्रोजन ट्रेन बन गई है, जो भारतीय रेल के आधुनिक होते स्वरूप की एक बड़ी मिसाल है।
जींद जंक्शन पर आज इस ट्रेन के शुभारंभ को लेकर भारी उत्साह देखा गया। देश की इस पहली ग्रीन-ट्रेन को देखने और इस ऐतिहासिक पल का गवाह बनने के लिए भारी संख्या में लोग स्टेशन पर मौजूद रहे। रेलवे अधिकारियों के मुताबिक, प्रधानमंत्री के नेतृत्व और सही निर्णयों के कारण शुरू की गई यह ट्रेन आने वाले समय में भारतीय रेल के सफर को पूरी तरह से प्रदूषण मुक्त और हाईटेक बनाने में मील का पत्थर साबित होगी।
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