ठियोग चोहारा में पेंशनरों की बैठक और सरकार के खिलाफ आंदोलन की चेतावनी

पेंशनरों की हुंकार से हिलेगी सुक्खू सरकार: हक नहीं मिला तो गांव-गांव दहकेगा जन-आंदोलन, सीएम के इर्द-गिर्द मंडराने वाले चाटुकारों पर भी फूटा गुस्सा

Spread the love

​पंजाब दस्तक (सदर ठियोग-चोहारा वैली से संयुक्त ग्राउंड रिपोर्ट)
विशेष कवरेज: राजेंद्र नेगी एवं निशांत ठाकुर
​संधासू (चढ़गांव/ठियोग)।
जीवन भर हिमाचल के विकास में पसीना बहाने वाले बुजुर्ग पेंशनरों के सब्र का बांध अब पूरी तरह टूट चुका है। प्रदेश सरकार की लगातार अनदेखी और खून-पसीने की कमाई के लिए तरस रहे सेवानिवृत्त कर्मचारी अब घरों की चौखट लांघकर आर-पार के मैदान में उतर चुके हैं। संधासू (चढ़गांव) स्थित लोक निर्माण विभाग के विश्राम गृह में आयोजित चोहारा ब्लॉक की बैठक में पेंशनरों ने खुली चेतावनी दी—यदि सरकार ने 2016 से लंबित देनदारियों की पाई-पाई नहीं चुकाई, तो आंदोलन की यह चिंगारी शिमला सचिवालय से लेकर प्रदेश के अंतिम गांव तक धधक उठेगी।


​127 पेंशनरों का शक्ति प्रदर्शन, दीपन ठाकुर की अध्यक्षता में आर-पार की रणनीति
​संधासू विश्राम गृह में आयोजित इस बैठक में 127 पेंशनरों और पदाधिकारियों ने एकजुट होकर हुंकार भरी। बैठक की अध्यक्षता चोहारा ब्लॉक के अध्यक्ष दीपन ठाकुर ने की। सभा में मौजूद बुजुर्गों के चेहरों पर उपेक्षा का गहरा आक्रोश साफ झलक रहा था। पदाधिकारियों ने दो-टूक कहा कि अब ज्ञापनों और मिन्नतों का दौर समाप्त हो चुका है; अगर हक न मिला तो चोहारा और ठियोग से लेकर समूचे प्रदेश की चौपालों पर धरने-प्रदर्शन शुरू होंगे।


​चौड़ा मैदान की गूंज अब हर चौपाल तक: भूपराम वर्मा का सीधा प्रहार
​हिमाचल प्रदेश पेंशनर संयुक्त संघर्ष समिति के अतिरिक्त महासचिव भूपराम वर्मा ने बैठक में कहा कि राजधानी शिमला के चौड़ा मैदान में हाल ही में जुटी हजारों पेंशनरों की आक्रोश रैली महज एक अंगड़ाई थी। अकेले चोहारा ब्लॉक से 60 से अधिक जुझारू पेंशनर और पदाधिकारी शिमला पहुंचे थे।
​भूपराम वर्मा ने ऐलान किया कि अब पूरे प्रदेश के हर ब्लॉक में सघन जन जागरण अभियान छेड़ा जा रहा है। संघर्ष समिति के पदाधिकारी ब्लॉक और जिला स्तर पर लगातार बैठकें व प्रदर्शन करेंगे। जब तक अंतिम देनदारी का भुगतान नहीं हो जाता, यह संघर्ष थमेगा नहीं।


​2016 से 2022 के बीच रिटायर बुजुर्गों की प्रमुख मांगें
​बैठक में 1 जनवरी 2016 से 31 जनवरी 2022 के बीच सेवानिवृत्त हुए कर्मचारियों की रुकी हुई वित्तीय देनदारियों पर कड़ा रोष जताया गया:
​ग्रेच्युटी और लीव इनकैशमेंट: वर्षों बीत जाने के बाद भी ग्रेच्युटी और अवकाश नकदीकरण का बकाया पैसा तुरंत जारी हो।
​कम्यूटेशन की राशि: पेंशन कम्यूटेशन की देनदारी का अविलंब एकमुश्त भुगतान किया जाए।
​15% डीए एरियर: महंगाई भत्ते के 15 प्रतिशत लंबित एरियर का तुरंत निपटारा हो।
​चिकित्सा प्रतिपूर्ति: बुजुर्ग पेंशनरों के सालों से अटके मेडिकल बिलों का शीघ्र भुगतान सुनिश्चित किया जाए।


​’चाटुकारों से बचें मुख्यमंत्री, रैली फेल कराने वालों को भगवान भी माफ नहीं करेगा’
​बैठक में पेंशनरों के हक पर डाका डालने वाले तथाकथित नेताओं पर भी तीखे बाण चले। लोक निर्माण विभाग से सेवानिवृत्त पृथ्वीराज, सवीता नेगी और घनश्याम सहित अन्य वरिष्ठ पेंशनरों ने किसी का नाम लिए बिना सीधा हमला बोला। उन्होंने कहा कि कुछ तथाकथित 5-6 बैनरों की आड़ में घूमने वाले ऐसे चाटुकार हैं, जिनका पेंशनरों के बीच कोई वजूद नहीं है। हर संस्था और चुनाव में नकारे जा चुके ये लोग महीने में केवल एक बार प्रेस कॉन्फ्रेंस कर अपना चेहरा चमकाने और मुख्यमंत्री के साथ तस्वीरें खिंचवाने तक सीमित हैं।


​पेंशनरों ने मुख्यमंत्री से सीधी गुहार लगाते हुए कहा कि सरकार ऐसे स्वार्थी चाटुकारों की मीठी बातों में आकर अपनी साख और जनता का भरोसा खराब न करे। जब टीवी और अखबारों में इन मौकापरस्तों की तस्वीरें मुख्यमंत्री के साथ छपती हैं, तो गांव-देहात के असल पेंशनरों का खून खौल उठता है और उनका गुस्सा सातवें आसमान पर पहुंच जाता है। आंदोलन को कमजोर करने और रैलियों को फेल कराने की साजिश रचने वालों को भगवान भी माफ नहीं करेगा।


​पेंशनरों ने दो-टूक चुनौती दी कि जो लोग बंद कमरों में 18 फर्जी संगठनों का दावा करते हैं, वे सुबह के समय लोअर बाजार की गलियों में खड़े होने के बजाय किसी खुले मैदान में 50 असली पेंशनर जुटाकर दिखाएं। चौड़ा मैदान में हजारों की संख्या में उमड़े पेंशनर यह भली-भांति जानते हैं कि उनका असली हितैषी कौन है और सरकार के इर्द-गिर्द घूमने वाला चापलूस कौन।


​पंजाब दस्तक की विशेष अपील:
गांव, देहात और ब्लॉक स्तर की हर जमीनी, बेबाक और सटीक खबर देखने के लिए पंजाब दस्तक के फेसबुक पेज को फॉलो व लाइक करें, यूट्यूब चैनल को सब्सक्राइब करें और इस खबर को अधिक से अधिक शेयर करें। आपका एक शेयर हमारे ग्रामीण पत्रकारों का मनोबल बढ़ाता है।


​यदि आपके गांव, पंचायत या ब्लॉक में भी कोई जनसमस्या, प्रशासनिक लापरवाही या जनता से जुड़ा मुद्दा है, तो हमें सीधे भेजें—पंजाब दस्तक आपकी बात को सरकार और प्रशासन के कानों तक मजबूती से पहुंचाएगा।
​देखते रहें पंजाब दस्तक — सच की आवाज़, आपकी आवाज़!

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *