ब्यूरो रिपोर्ट: मीनाक्षी | पंजाब दस्तक
शिमला / नई दिल्ली:
अपनी जायज मांगों और हक की लड़ाई लड़ रहे हिमाचल प्रदेश के दृष्टिहीन व दिव्यांगजनों के सब्र का बांध आखिरकार टूट गया है। पिछले 1089 दिनों से लगातार सड़कों पर धरना दे रहे दिव्यांग साथियों ने झूठे आश्वासनों और सुक्खू सरकार की कथित अनदेखी से तंग आकर आज दिल्ली कूच कर दिया है। आज दोपहर 1:00 बजे तक प्रदर्शनकारियों ने जोरदार नारेबाजी की, जिसके बाद वे बस से दिल्ली के लिए रवाना हो गए हैं और कल ट्रेन के जरिए दिल्ली में प्रवेश करेंगे।
राहुल गांधी के आवास का घेराव और मरण अनशन का ऐलान
प्रदर्शनकारी नेताओं ने साफ किया कि हिमाचल में कांग्रेस की सरकार है, इसलिए दिल्ली पहुँचकर उनका सबसे पहला और प्रमुख कार्यक्रम कांग्रेस सांसद राहुल गांधी के आवास का घेराव करना रहेगा:
”7 और 8 तारीख को सुबह 11:00 बजे राहुल गांधी के आवास का घेराव करेंगे दिव्यांगजन”
दिव्यांगजनों का कहना है कि राहुल गांधी अक्सर गरीबों, वंचितों और दिव्यांगों के बीच जाकर तस्वीरें खिंचवाते हैं। अब हिमाचल के दिव्यांग दिल्ली उनके द्वार पर दस्तक देने जा रहे हैं ताकि यह परखा जा सके कि उनके दिल में सचमुच दिव्यांगों के लिए हमदर्दी है या यह केवल दिखावे की राजनीति है। यदि राहुल गांधी ने मुलाकात कर उनकी समस्या का समाधान नहीं कराया, तो दिव्यांगजन राहुल गांधी के दरबार से ही राष्ट्रव्यापी मरण अनशन (भूख हड़ताल) शुरू कर देंगे।
प्रधानमंत्री से मुलाकात और दिव्यांग आयुक्त को ज्ञापन
नेताओं ने बताया कि दिल्ली प्रवास के दौरान:
वे माननीय प्रधानमंत्री जी से समय लेकर शिष्टाचार भेंट करेंगे और अपनी व्यथा व मांगें उनके समक्ष रखेंगे।
इसके साथ ही दिल्ली स्थित केंद्रीय दिव्यांग आयुक्त (कमिश्नर) के कार्यालय पहुँचकर उन्हें भी अपना ज्ञापन सौंपेंगे।
संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष अनिल वर्मा के नेतृत्व में दिल्ली में रणनीति तैयार कर ली गई है और जब तक हल नहीं निकलता, तब तक दिल्ली में ही डेरा डाला जाएगा।
वार्ता के नाम पर मिला सिर्फ टालमटोल
प्रदर्शनकारियों ने बताया कि 1089 दिनों के इस लंबे धरने के दौरान कई बार बातचीत की कोशिशें हुईं, लेकिन नतीजा शून्य रहा:
सीएम दरबार में आश्वासन: मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू के जनता दरबार में जाने पर आश्वासन दिया गया था कि विधानसभा सत्र के बाद बैठक की जाएगी, लेकिन वह बैठक आज तक नहीं बुलाई गई।
नेताओं और अधिकारियों का उपेक्षापूर्ण रवैया: मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव और प्रदेश कांग्रेस के पदाधिकारियों से कई बार संपर्क करने के बावजूद केवल टालमटोल किया गया।
दिव्यांगजनों की प्रमुख मांगें:
1009 बैकलॉग पदों पर भर्ती: हाई कोर्ट के कड़े निर्देशों के अनुसार विभिन्न विभागों में दिव्यांगजनों के खाली पड़े 1,009 पदों को विशेष भर्ती मेले के माध्यम से तुरंत भरा जाए।
18 महीने से रुकी पेंशन: पिछले 18 महीनों से बंद पड़ी सहारा/दिव्यांग पेंशन का बकाया तुरंत लाभार्थियों के खातों में डाला जाए।
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