विशेष रिपोर्ट: ‘पंजाब दस्तक’ के लिए वरिष्ठ पत्रकार काजल
शिमला: हिमाचल प्रदेश बार काउंसिल को आखिरकार नया नेतृत्व मिल गया है। सदस्यों के निर्वाचन के बाद करीब 133 दिनों से चला आ रहा लंबा इंतजार बुधवार को उस वक्त खत्म हुआ, जब काउंसिल के शीर्ष पदों के लिए चुनाव प्रक्रिया शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हो गई। इस चुनावी मुकाबले में वरिष्ठ अधिवक्ता आई.एन. मेहता को हिमाचल प्रदेश बार काउंसिल का नया चेयरमैन चुना गया है, जबकि अधिवक्ता शिवानी शर्मा ने वाइस चेयरमैन पद की कमान संभाली है। वहीं, बार काउंसिल ऑफ इंडिया (BCI) में देवभूमि का प्रतिनिधित्व करने की अहम जिम्मेदारी अधिवक्ता विक्रांत चंदेल को सौंपी गई है।
21 वोटों से तय हुआ बार काउंसिल का भविष्य
बुधवार, 30 सितंबर को आयोजित इस अहम चुनावी प्रक्रिया में कुल 21 सदस्यों ने अपने मताधिकार का इस्तेमाल किया। इनमें काउंसिल के 18 निर्वाचित सदस्यों के साथ-साथ दो मनोनीत सदस्य और प्रदेश के महाधिवक्ता (Advocate General) शामिल रहे। इन सभी सदस्यों की मौजूदगी और वोटिंग के आधार पर ही चेयरमैन, वाइस चेयरमैन और बीसीआई प्रतिनिधि के नामों पर अंतिम मुहर लगी।
सर्वोच्च न्यायालय के दिशा-निर्देशों से महिला सशक्तिकरण को बल
इस बार की चुनाव प्रक्रिया की सबसे खास बात सर्वोच्च न्यायालय के दिशा-निर्देशों के अनुरूप महिला प्रतिनिधित्व को मजबूती देना रहा। शीर्ष अदालत के आदेशों के तहत बार काउंसिल में दो महिला सदस्यों को मनोनीत (Co-opt) करने की औपचारिकता पूरी की गई, जिससे काउंसिल के भीतर महिलाओं की भागीदारी और अधिक सशक्त हुई है।
फरवरी से शुरू हुआ था चुनावी सफर
गौरतलब है कि राज्य बार काउंसिल के 18 सदस्यों के लिए चुनावी प्रक्रिया की अधिसूचना 17 फरवरी 2026 को जारी की गई थी। इसके बाद 20 अप्रैल 2026 को प्रदेश भर के अधिवक्ताओं ने मतदान में हिस्सा लिया। मतों की गिनती के उपरांत 20 मई 2026 को नतीजे घोषित किए गए थे, जिसमें आई.एन. मेहता, शिवानी शर्मा और विक्रांत चंदेल सहित 18 सदस्यों ने जीत दर्ज की थी। अब करीब चार महीने के अंतराल के बाद शीर्ष पदाधिकारियों का चुनाव संपन्न होने से कानूनी गलियारों में कामकाज को नई दिशा मिलेगी।
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