शिमला (पंजाब दस्तक ब्यूरो चीफ – सुरेंद्र राणा):
हिमाचल प्रदेश विधानसभा के मानसून सत्र में ‘वंदे मातरम’ और राष्ट्रगान को लेकर मचा सियासी बवाल थमने का नाम नहीं ले रहा है। पिछले दो दिनों से सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच चल रही तनातनी की वजह से सदन की कार्यवाही लगातार ठप रही और जनता की गाढ़ी कमाई के करोड़ों रुपये हंगामे की भेंट चढ़ गए। अब सबकी निगाहें सोमवार दोपहर 2:00 बजे शुरू होने वाली कार्यवाही पर टिकी हैं। यदि दोनों दलों में सहमति नहीं बनी, तो विधानसभा अध्यक्ष कुलदीप सिंह पठानिया सदन को पटरी पर लाने के लिए अपनी अंतिम व्यवस्था सुना सकते हैं।
दोपहर 2:00 बजे प्रश्नकाल से होगी तकरार की शुरुआत
सदन की कार्यवाही दोपहर ठीक 2 बजे प्रश्नकाल के साथ शुरू होगी। इसके बाद मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू पूरे सप्ताह की सरकारी कार्यसूची का ब्योरा सदन के समक्ष रखेंगे। वहीं, विधानसभा सचिव द्वारा महामहिम राष्ट्रपति और राज्यपाल से स्वीकृत 8 अहम विधेयकों को सभा पटल पर पेश किया जाएगा। इसके अतिरिक्त विभिन्न विभागों की नई अधिसूचनाएं और लोकलेखा, लोक उपक्रम तथा नियोजन समितियों की रिपोर्टें भी रखी जाएंगी।
नियम 62: गबन और बोनाफाइड हिमाचलियों का उठेगा मुद्दा
20 करोड़ का सुबाथू सोसाइटी घोटाला: सुबाथू शहरी नॉन-एग्रीकल्चर थ्रिफ्ट एंड क्रेडिट सोसाइटी में हुए कथित 20 करोड़ रुपये के बड़े गबन मामले पर ध्यानाकर्षण प्रस्ताव लाया जा रहा है।
हिमाचली युवाओं के हक की बात: प्रदेश से बाहर सेवाएं दे रहे बोनाफाइड हिमाचलियों के बच्चों को राज्य कोटे का लाभ दिलाने के मसले पर सरकार से जवाब मांगा जाएगा।
नियम 130: अस्पताल बदहाल और पावर प्रोजेक्ट्स के बकाये पर तीखी बहस
स्वास्थ्य महकमे की घेराबंदी: विपक्ष के चार विधायक अस्पतालों के अधूरे भवनों, आधुनिक मशीनों-दवाओं के टोटे, डॉक्टरों व पैरामेडिकल स्टाफ की भारी रिक्तियों और चरमराती स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर सरकार को घेरेंगे।
राजस्व वसूली पर सत्ता पक्ष का दांव: कांग्रेस विधायक केवल सिंह पठानिया जल विद्युत परियोजनाओं से प्रदेश को मिलने वाली रॉयल्टी, फ्री पावर और वाटर सेस की रुकी हुई भारी-भरकम देनदारियों की वसूली का मुद्दा उठाकर राजस्व संरक्षण पर चर्चा छेड़ेंगे।
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