हमीरपुर बीजेपी में घमासान, बड़े एक्शन की तैयारी

हमीरपुर बीजेपी में घमासान: अनुशासनहीनता पर बड़े एक्शन की तैयारी, विधायक लखनपाल और पूर्व विधायक बलदेव शर्मा के बीच आर-पार की लड़ाई

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पंजाब दस्तक
ब्यूरो रिपोर्ट: मुख्य ब्यूरो चीफ सुरेंद्र राणा


​शिमला/हमीरपुर
पूर्व मुख्यमंत्री प्रेम कुमार धूमल के गृह जिला हमीरपुर में भारतीय जनता पार्टी के भीतर सियासी घमासान चरम पर पहुंच गया है। बड़सर विधानसभा क्षेत्र से भाजपा विधायक इंद्रदत्त लखनपाल और पूर्व विधायक बलदेव शर्मा के बीच छिड़ी जंग अब आर-पार के मूड में आ चुकी है। अनुशासनहीनता के इस मामले को लेकर पंजाब दस्तक की विशेष पड़तार में संगठन के बड़े एक्शन की तैयारी साफ नजर आ रही है।


​पंजाब दस्तक के मुख्य ब्यूरो चीफ सुरेंद्र राणा से मीडिया के सामने खुलकर बात करते हुए विधायक इंद्रदत्त लखनपाल ने दोटूक शब्दों में कहा कि अब पार्टी विरोधी गतिविधियों को बिल्कुल बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।


​”मैं अपनी मर्जी से भाजपा में नहीं आया” — लखनपाल ने याद दिलाया इतिहास
​विधायक इंद्रदत्त लखनपाल ने अपना रुख स्पष्ट करते हुए अतीत का इतिहास याद दिलाया। उन्होंने कहा:
​”मैं अपनी मर्जी से भाजपा में शामिल नहीं हुआ था, बल्कि मुझे खुद देश के शीर्ष भाजपा नेतृत्व ने भारतीय जनता पार्टी में शामिल करवाया था। तब से लेकर आज तक मैं लगातार पार्टी को मजबूत करने के लिए पूरी निष्ठा से काम कर रहा हूँ। लेकिन बड़सर के पूर्व विधायक बलदेव शर्मा का रवैया शुरू से ही पार्टी विरोधी रहा है।”


​लखनपाल ने भड़ास निकालते हुए कहा कि बड़सर चुनाव के दौरान क्या हुआ, किसने क्या किया, यह सब पार्टी बखूबी जानती है।
​उपचुनाव में ‘पीएम-सीएम’ का नारा और लगातार भीतरघात
​लखनपाल ने बड़ा खुलासा करते हुए बताया कि उपचुनाव के दौरान भी बलदेव शर्मा ने ‘पीएम-सीएम’ का नारा लगाकर पार्टी लाइन से हटकर काम किया था। उन्होंने कहा:


​जीत के बाद भी नहीं सुधरे: “चुनाव जीतने के बाद मेरा स्टैंड पूरी तरह स्पष्ट था कि अब हम जीत चुके हैं, इसलिए मिलकर क्षेत्र के विकास के लिए काम करते हैं। लेकिन पूर्व विधायक बलदेव शर्मा मिलकर काम करने को तैयार ही नहीं हैं।”


​जिला परिषद चुनाव में भी विरोध: लखनपाल ने आरोप लगाया कि वर्तमान में चल रहे जिला परिषद के चुनाव में भी बलदेव शर्मा की भूमिका पहले की तरह ही संदिग्ध है और वे खुलेआम पार्टी के अधिकृत प्रत्याशियों के खिलाफ काम कर रहे हैं।


​अनुशासनहीनता बर्दाश्त नहीं, हाईकमान को भेजी रिपोर्ट
​लखनपाल ने कड़े लहजे में कहा कि अनुशासन से ही पार्टी चलती है, अनुशासनहीनता से नहीं। उन्होंने बलदेव शर्मा को नसीहत देते हुए कहा कि अगर वह पार्टी के साथ नहीं रहना चाहते, तो जाने के लिए उनका रास्ता साफ है; आखिर ऐसी क्या मजबूरी है कि वह बार-बार पार्टी विरोधी काम कर रहे हैं?


​”मैंने इस पूरी अनुशासनहीनता के मामले की लिखित शिकायत पार्टी हाईकमान को भेज दी है और अब संगठन स्तर पर बड़े एक्शन की तैयारी शुरू हो गई है।”

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