नई दिल्ली (पंजाब दस्तक ब्यूरो, रिया शर्मा):
आसमान में सैकड़ों बेकसूर जिंदगियों को मौत के मुंह में धकेलने की एक दिल दहला देने वाली आतंकी साजिश को भारतीय जांबाज पायलट कैप्टन सुमित मच्छर ने अपने अदम्य साहस से पूरी तरह नाकाम कर दिया। दुबई से इजरायल के तेल अवीव जा रही ‘फ्लाईदुबई’ की फ्लाइट (FZ-1073) के कॉकपिट में हुए इस जानलेवा हमले को संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) प्रशासन ने आधिकारिक तौर पर ‘आतंकवादी घटना’ करार दिया है। इस साहसिक पराक्रम के बाद देश के शीर्ष नेतृत्व ने कैप्टन के सम्मान में पलक-पावड़े बिछा दिए हैं।
पीएम मोदी ने फोन पर जाना हालचाल, महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री ने मुंबई में परिजनों से की मुलाकात
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अस्पताल में उपचाराधीन घायल कैप्टन सुमित मच्छर से सीधे मोबाइल पर बातचीत कर उनका कुशलक्षेम जाना। पीएम ने उनके शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की कामना करते हुए कहा कि संकट की उस घड़ी में जिस सूझबूझ से उन्होंने करीब 180 यात्रियों की रक्षा की, उस पर आज पूरे देश को गर्व है।
इसी कड़ी में महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री ने भी मुंबई पहुंचकर कैप्टन सुमित मच्छर के माता-पिता व परिजनों से व्यक्तिगत मुलाकात की। मुख्यमंत्री ने परिवार को ढांढस बंधाया, उनका आभार जताया और कहा कि कैप्टन सुमित ने अपनी जांबाजी से महाराष्ट्र ही नहीं, बल्कि पूरे हिंदुस्तान का मान पूरी दुनिया में बढ़ाया है। संकट के इस समय में सरकार पूरी मजबूती के साथ उनके परिवार के साथ खड़ी है।
यूएई ने माना आतंकी हमला, राष्ट्रपति सलाहकार ने की मुक्तकंठ से सराहना
यूएई के राष्ट्रपति के सलाहकार ने आधिकारिक बयान जारी कर कैप्टन मच्छर की वीरता को सलाम किया। उन्होंने कहा कि भारतीय पायलट ने कॉकपिट के भीतर एक सुनियोजित और खौफनाक आतंकी साजिश का डटकर मुकाबला किया और बड़ी विमान दुर्घटना को टाल दिया। उन्होंने ‘एक्स’ (ट्विटर) पर लिखा कि चरमपंथ और आतंकवाद के खिलाफ निरंतर सतर्कता जरूरी है। यह पहला मौका है जब यूएई सरकार ने फ्लाईदुबई की उड़ान को क्रैश कराने की इस कोशिश को सीधे तौर पर आतंकी हमला स्वीकार किया है।
खून से लथपथ होकर भी नहीं छोड़े प्लेन के कंट्रोल
30 सितंबर को जब विमान 35 हजार फीट की ऊंचाई पर उड़ रहा था, तभी को-पायलट ने अचानक कैप्टन सुमित मच्छर पर धारदार चाकू से ताबड़तोड़ वार कर दिए। गंभीर रूप से जख्मी होने और अत्यधिक खून बहने के बावजूद कैप्टन ने संयम बनाए रखा और विमान का संतुलन नहीं बिगड़ने दिया। कॉकपिट में मची चीख-पुकार के बाद केबिन क्रू और यात्रियों ने फुर्ती दिखाते हुए हमलावर को दबोच लिया। इसके बाद विमान का रूट डायवर्ट कर सऊदी अरब के तबूक (Tabuk) एयरपोर्ट पर 174 यात्रियों और क्रू मेंबर्स की सुरक्षित इमरजेंसी लैंडिंग कराई गई।
हमलावर को-पायलट का इस्लामिक कट्टरपंथ से कनेक्शन, नेतन्याहू का बड़ा बयान
इधर, इजरायली अधिकारियों और प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के बयानों से सनसनी और बढ़ गई है। इजरायली सूत्रों के अनुसार, हमलावर को-पायलट की पहचान ओमान के नागरिक के रूप में सामने आई है। इजरायली प्रधानमंत्री नेतन्याहू ने दावा किया कि आरोपी को-पायलट कट्टरपंथी इस्लामी विचारधारा से बुरी तरह ग्रसित था। उधर, यूएई के अटॉर्नी जनरल काउंसिल डॉ. अहमद अल शामी के निर्देश पर पब्लिक प्रॉसिक्यूशन की एक विशेष टीम मामले के सभी आतंकी पहलुओं की गहन जांच में जुटी है।
एविएशन सिक्योरिटी पर बड़ा सवाल: क्या अब पायलटों की भी हो सख्त फ्रिस्किंग?
इस खौफनाक वारदात ने वैश्विक उड्डयन सुरक्षा के दावों की हवा निकाल दी है। सबसे गंभीर सवाल यह उठ रहा है कि आखिर इतने संवेदनशील और हाई-सिक्योरिटी कॉकपिट तक धारदार चाकू पहुंचा कैसे? एयरपोर्ट्स पर आम यात्रियों की तो चप्पे-चप्पे पर सघन तलाशी ली जाती है, लेकिन पायलट और क्रू मेंबर्स को प्रोटोकॉल के तहत विशेष छूट दी जाती है। क्या अब वक्त आ गया है कि पायलटों के लिए भी कॉकपिट में प्रवेश से पहले सख्त मेटल डिटेक्टर और फ्रिस्किंग जांच अनिवार्य की जाए? क्योंकि यदि विमान उड़ाने वाले ही हथियार लेकर अंदर जाने लगेंगे, तो फिर आसमान में मुसाफिरों की हिफाजत भगवान भरोसे ही होगी।
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