धर्मशाला में स्मार्ट सिटी पर सख्ती, टांडा अस्पताल और ज्वालामुखी मंदिर चर्चा में

धर्मशाला में स्मार्ट सिटी पर सख्ती, टांडा अस्पताल और ज्वालामुखी मंदिर चर्चा में

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वरिष्ठ पत्रकार: भेषज
​धर्मशाला मुख्यालय: स्मार्ट सिटी की अटकी परियोजनाओं पर सुक्खू सरकार का कड़ा रुख, सचिवालय से जारी हुआ अल्टीमेटम
​धर्मशाला को स्मार्ट सिटी बनाने के दावों के बीच जमीनी स्तर पर लटकी पड़ी विकासात्मक परियोजनाओं को लेकर शिमला सचिवालय से बड़ी प्रशासनिक हलचल हुई है। पिछले कल देर शाम मुख्यमंत्री कार्यालय द्वारा धर्मशाला स्मार्ट सिटी के अधिकारियों और नगर निगम प्रशासन को एक कड़ा समीक्षा पत्र जारी किया गया है। इसमें ड्रेनेज सिस्टम, अंडरग्राउंड केबलिंग और भव्य बहुमंजिला पार्किंग के रुके हुए कामों को लेकर जवाब तलब किया गया है। सरकार ने स्पष्ट किया है कि तय समय-सीमा के भीतर काम पूरा न करने वाली ठेकेदार कंपनियों को ब्लैकलिस्ट किया जाए और जवाबदेह अधिकारियों पर विभागीय कार्रवाई की जाए। इस प्रशासनिक हंटर के बाद आज सुबह से ही स्थानीय महकमों में खलबली मची हुई है।


​शाहपुर ब्लॉक: केंद्रीय विश्वविद्यालय के स्थाई परिसर के निर्माण को लेकर सियासत तेज, विपक्ष ने खोला मोर्चा
​शाहपुर ब्लॉक के अंतर्गत आने वाले जदंगल में केंद्रीय विश्वविद्यालय (CU) के स्थाई परिसर के निर्माण में हो रही प्रशासनिक देरी अब पूरी तरह से राजनीतिक अखाड़ा बन चुकी है। विपक्ष के स्थानीय नेताओं ने आज सुबह शाहपुर में एक प्रेस वार्ता के दौरान सत्तापक्ष पर इस महत्वपूर्ण परियोजना की अनदेखी करने का सीधा और धारदार आरोप लगाया है। नेताओं का कहना है कि फोरेस्ट क्लीयरेंस और बजट आवंटन की फाइलों को जानबूझकर ठंडे बस्ते में डाला जा रहा है, जिससे हजारों छात्रों का भविष्य अधर में है। विपक्ष ने अल्टीमेटम दिया है कि यदि अगले 15 दिनों के भीतर निर्माण कार्य की बाधाएं दूर नहीं की गईं, तो पूरे शाहपुर और धर्मशाला में चक्का जाम कर उग्र आंदोलन शुरू किया जाएगा।


​बैजनाथ ब्लॉक: ऐतिहासिक शिव मंदिर के सौंदर्यीकरण योजना पर प्रशासन का बड़ा फैसला, ट्रस्ट की बैठक में लगी मुहर
​बैजनाथ के सुप्रसिद्ध और ऐतिहासिक शिव मंदिर परिसर को अंतरराष्ट्रीय पर्यटन मानचित्र पर उभारने के लिए आज सुबह उपमंडल अधिकारी की अध्यक्षता में मंदिर ट्रस्ट की एक अहम प्रशासनिक बैठक संपन्न हुई। बैठक में मंदिर के चारों ओर से अतिक्रमण हटाने, श्रद्धालुओं के लिए आधुनिक सुविधाओं का निर्माण करने और भव्य लाइटिंग सिस्टम स्थापित करने के मास्टर प्लान को मंजूरी दी गई है। पिछले 12 घंटों के भीतर तैयार की गई इस नई रूपरेखा के तहत पुरातत्व विभाग (ASI) के नियमों का पालन करते हुए प्राचीन कलाकृतियों को बिना नुकसान पहुंचाए यह काम किया जाएगा। इसके लिए शुरुआती बजट भी जारी कर दिया गया है, जिससे स्थानीय जनता और भक्तों में भारी उत्साह है।


​पालमपुर ब्लॉक: चाय बागानों की भूमि के लैंड यूज चेंज (LUC) को लेकर राजनीतिक रार, विधानसभा तक गूंजेगा मुद्दा
​पालमपुर उपमंडल के ऐतिहासिक और बेशकीमती चाय बागानों की जमीनों को व्यावसायिक इस्तेमाल (लैंड यूज चेंज) के लिए मंजूरी दिए जाने की सुगबुगाहट ने क्षेत्र के राजनीतिक गलियारों में भूचाल ला दिया है। स्थानीय पर्यावरणविदों और राजनेताओं ने आज सुबह इस मुद्दे पर तीखी प्रतिक्रिया दी है। विपक्ष का आरोप है कि भू-माफिया को फायदा पहुंचाने के लिए नियमों में ढील देने की कोशिश की जा रही है, जिससे पालमपुर की हरी-भरी वादियों और चाय उद्योग को हमेशा के लिए नुकसान पहुंचेगा। नेताओं ने साफ किया है कि वे इस जनविरोधी नीति के खिलाफ सड़कों पर उतरेंगे और आगामी विधानसभा सत्र में भी इस मुद्दे पर सरकार को पूरी तरह घेरेंगे।


​कांगड़ा ब्लॉक: टांडा मेडिकल कॉलेज में सुरक्षा और सफाई व्यवस्था का औचक निरीक्षण, एमएस ने जारी की सख्त हिदायत
​डॉ. राजेंद्र प्रसाद मेडिकल कॉलेज टांडा (कांगड़ा) में मरीजों और तीमारदारों को बेहतर सुविधाएं देने के लिए आज तड़के अस्पताल प्रशासन ने एक बड़ी कार्रवाई की है। चिकित्सा अधीक्षक (MS) ने सुबह-सुबह विभिन्न वार्डों, आपातकालीन कक्ष और ओपीडी परिसर का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान सफाई व्यवस्था में पाई गई कमियों और सुरक्षा गार्डों की तैनाती में ढील को लेकर आउटसोर्स एजेंसियों के प्रबंधकों की क्लास लगाई गई। प्रशासन ने सख्त लहजे में चेतावनी दी है कि अस्पताल परिसर के भीतर किसी भी तरह की कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और नियमों का उल्लंघन करने वाली एजेंसियों के टेंडर तुरंत रद्द कर दिए जाएंगे।


​ज्वालामुखी ब्लॉक: मंदिर न्यास की आय और वीआईपी दर्शन व्यवस्था में पारदर्शिता लाने के लिए नया डिजिटल प्लान तैयार
​विश्व प्रसिद्ध शक्तिपीठ ज्वालामुखी मंदिर में वीआईपी कल्चर को खत्म करने और आम श्रद्धालुओं को सुगम दर्शन करवाने के लिए जिला प्रशासन ने आज सुबह एक नया प्रशासनिक डिजिटल रोडमैप जारी किया है। नए प्लान के मुताबिक, अब मंदिर में चढ़ावे और गर्भगृह की गतिविधियों की निगरानी के लिए अतिरिक्त हाई-टेक कैमरे लगाए जा रहे हैं। साथ ही दर्शन के लिए ऑनलाइन टोकन व्यवस्था को और मजबूत किया जा रहा है ताकि कतारों में खड़े आम भक्तों को घंटों इंतजार न करना पड़े। स्थानीय नेताओं ने इस फैसले का स्वागत किया है, जबकि प्रशासनिक हलकों में इसे मंदिर प्रबंधन को पारदर्शी बनाने की दिशा में एक बड़ा और धारदार कदम माना जा रहा है।


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