ब्यूरो चीफ,सुरेंद्र राणा पंजाब दस्तक
मानसा (पंजाब दस्तक):
पंजाब में नशे की दलदल और गिरती कानून-व्यवस्था को लेकर अब सीधा केंद्र का रुख सख्त हो गया है। मानसा में चर्चित एंटी-ड्रग एक्टिविस्ट परविंदर सिंह झोटा की गोली मारकर हुई हत्या के मामले में बड़ा राजनीतिक व प्रशासनिक मोड़ आ गया है। देश के केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने आज खुद मानसा पहुंचकर दिवंगत परविंदर झोटा के पीड़ित परिवार से मुलाकात की और दुख साझा किया।
परिवार से बातचीत के दौरान अमित शाह ने पंजाब से नशे के काले साम्राज्य और गैंगस्टरों के नेटवर्क को उखाड़ फेंकने के लिए 120 दिनों का कड़ा अल्टीमेटम दिया है।
कल दोपहर 12 बजे से एक्शन में CBI
गृह मंत्री की इस मुलाकात के साथ ही मामले की जांच में सबसे बड़ा मोड़ आ गया है। कल दोपहर 12 बजे से केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) की टीम ज़मीन पर उतरकर अपना काम शुरू कर देगी। सूत्रों के मुताबिक, कल दोपहर 12 बजे के बाद से ही इस हत्याकांड और नशे के गठजोड़ से जुड़े कई बड़े खुलासे और सीबीआई की कार्रवाई के नतीजे दिखने शुरू हो जाएंगे।
जनता में चर्चा: “पंजाब चो नशा खत्म होता है ना… तो हो लेन दियो बीजेपी दी एंट्री!”
इस बड़े राजनीतिक घटनाक्रम और गृह मंत्री के कड़े रुख के बाद पंजाब के अवाम और समर्थकों के बीच ज़बरदस्त हलचल है। सड़कों और चौपालों पर अब यही चर्चा गर्म है—
”चलो जी! जे इस तरह ही पंजाब चो नशा खत्म होता है ना… तो हो लेन दियो! हो लेन दियो बीजेपी दी एंट्री!”
अब देखना यह होगा कि सीबीआई का यह शिकंजा मानसा हत्याकांड के पीछे छिपे किन-किन रसूखदारों और नशा तस्करों के गिरेबान तक पहुँचता है।
देखते रहें — ‘पंजाब दस्तक’ (सच की आवाज़)
