पंजाब दस्तक (न्यूज डेस्क):
केंद्र सरकार और भारतीय सशस्त्र बलों (Indian Armed Forces) की ओर से अग्निवीरों के लिए एक अत्यंत महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया है। केंद्रीय कैबिनेट ने अग्निवीरों के लिए 2 वर्ष के ‘सेकंड एंगेजमेंट पीरियड’ (Second Engagement Period) की सिफारिशों को अपनी हरी झंडी दे दी है। इस फैसले के बाद अब अग्निवीरों का कुल सेवा कार्यकाल बढ़कर 6 वर्ष तक का हो सकेगा।
जानिए क्या है नया फैसला और नियम?
4 वर्ष का प्रारंभिक कार्यकाल: योजना के तहत सभी अग्निवीर सबसे पहले अपना 4 साल का प्राथमिक एंगेजमेंट पीरियड पूरा करेंगे।
25% अग्निवीरों को परमानेंट रोल: 4 साल का कार्यकाल समाप्त होने के बाद 25% अग्निवीरों को भारतीय सेना में नियमित सैनिक (Regular Soldiers) के रूप में कैडर में शामिल होने का अवसर दिया जाएगा।
75% अग्निवीरों के लिए 2 साल का एक्सटेंशन: बाकी बचे 75% अग्निवीरों के लिए भारतीय रक्षा बलों की विशेष सिफारिश पर कैबिनेट ने 2 साल के अतिरिक्त सेकंड एंगेजमेंट पीरियड को मंजूरी प्रदान की है।
6 साल बाद दोबारा मौका: 2 साल का सेकंड एंगेजमेंट पीरियड (कुल 6 साल की सेवा) सफलतापूर्वक पूरा करने के बाद, इन सभी अग्निवीरों को भारतीय सशस्त्र बलों में रेगुलर सोल्जर के रूप में नामांकित होने का अवसर फिर से प्रदान किया जाएगा।
सेना और युवाओं के लिए क्यों खास है यह कदम?
रक्षा विशेषज्ञों और सेना की सिफारिशों के आधार पर लिया गया यह फैसला अग्निवीरों के अनुभव और दक्षता को और निखारने का काम करेगा।
अनुभव में बढ़ोतरी: 4 साल के बजाय 6 साल तक सेवा देने से युवाओं को रक्षा क्षेत्र में बेहतर अनुभव प्राप्त होगा।
स्थायी सेवा का दोहरा अवसर: जो अग्निवीर 4 साल में नियमित कैडर का हिस्सा नहीं बन पाएंगे, उन्हें 6 साल पूरा होने पर सेना में रेगुलर सोल्जर के रूप में शामिल होने का दूसरा मौका मिलेगा।
सशस्त्र बलों को मजबूती: सेना को प्रशिक्षित, अनुभवी और युवा जनशक्ति का लंबे समय तक लाभ मिल सकेगा।
पंजाब दस्तक की रिपोर्ट
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