मोहाली फेज-7 में वेंडरों पर कार्रवाई के मुद्दे पर बीजेपी जिलाध्यक्ष संजीव वशिष्ठ

​मोहाली में लीगल रसीद के बावजूद वेंडरों पर पुलिस और निगम का चाबुक, भड़के बीजेपी जिलाध्यक्ष संजीव वशिष्ठ: “जनता 3 महीने बाद देगी इस करप्शन का जवाब”

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​विशेष रिपोर्ट: सुरेंद्र राणा (ब्यूरो चीफ, पंजाब दस्तक)
स्थान: मोहाली (फेज-7)


दिवाली के पावन पर्व पर रोजी-रोटी कमाने के लिए स्टॉल लगाने वाले छोटे दुकानदारों और वेंडरों पर मोहाली नगर निगम व पुलिस प्रशासन की कथित धक्केशाही के खिलाफ मामला गर्मा गया है। फेज-7 में परेशान दुकानदारों के समर्थन में उतरे भाजपा के मोहाली जिलाध्यक्ष संजीव वशिष्ठ ने आम आदमी पार्टी सरकार, नगर निगम प्रशासन, मेयर और स्थानीय पुलिस (एसएचओ मटौर) पर भ्रष्टाचार और उत्पीड़न के गंभीर आरोप लगाए हैं।


​पैसे वसूलने के बावजूद काम रोकने और तंग करने के अपनाए जा रहे हथकंडे
​संजीव वशिष्ठ ने वेंडरों की सरकारी फीस रसीदें लहराते हुए कहा कि दिवाली देश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ है। स्थानीय युवा और छोटे व्यापारी सालों से त्योहारों पर कानूनी तरीके से स्टॉल लगाकर अपने परिवार के पूरे साल के गुजर-बसर के लिए कमाई करते हैं।


​उन्होंने प्रशासन के रवैये पर तीखा हमला बोलते हुए कहा:
​”जब नगर निगम ने खुद वेंडरों से 2200 से 2400 रुपये तक की लीगल फीस वसूली है और रसीदें काटी हैं, तो फिर रात को एसएचओ (मटौर) आकर गरीब वेंडरों को काम करने से क्यों रोक रहे हैं? पैसे ऐंठने के बाद भी वेंडरों को दुकानें नहीं लगाने दी जा रही हैं और उन्हें भगाने व प्रताड़ित करने के लिए तरह-तरह के हथकंडे अपनाए जा रहे हैं। जब बंदा सरकारी फीस जमा करवाकर काम कर रहा है, तो कानून-व्यवस्था का बहाना बनाकर उन्हें क्यों रोका जा रहा है? यह सरासर धक्काशाही और पाप है।”


​तहबाजारी शाखा में मोहाली इतिहास का सबसे बड़ा भ्रष्टाचार!
​वशिष्ठ ने आरोप लगाया कि जब से यह नई कॉरपोरेशन बनी है, इन्होंने पूरे शहर का व्यापार ठप्प कर दिया है। नगर निगम की तहबाजारी शाखा (Tehbazari Wing) में जमकर भ्रष्टाचार हो रहा है। पहले भाई-भतीजावाद करके वसूली की जाती है और फिर त्यौहार के समय गरीब दुकानदारों का उत्पीड़न किया जाता है।


​”70% स्थानीय पंजाबी युवा प्रभावित, क्या माल घग्गर में बहा दें?”
​प्रशासन द्वारा प्रवासियों का बहाना बनाए जाने पर वशिष्ठ ने कहा कि यहाँ 70% से ज्यादा स्थानीय पंजाबी युवा (जैसे कुंभड़ा गांव का अमन) हैं, जिन्होंने भारी-भरकम कर्ज लेकर लाखों रुपये का माल भरा है। उन्होंने पूछा कि “जब प्रशासन पैसे लेने के बाद भी काम नहीं करने दे रहा, तो क्या ये गरीब अपना माल घग्गर नदी में बहा दें?” उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी भी वैध रसीद धारक को काम करने से रोकना अन्याय है।
​3 महीने रुक जाओ, जनता हिसाब चुकता करेगी!


​निगम कमिश्नर, मेयर और स्थानीय नेतृत्व को कड़ी चेतावनी देते हुए बीजेपी जिलाध्यक्ष ने कहा:
​”जो आज सत्ता के नशे में मनमानी कर रहे हैं, वे सुन लें—जनता सब देख रही है। सिर्फ 3 महीने रुक जाओ, आने वाले चुनाव में मोहाली की जनता इस भ्रष्टाचार और उत्पीड़न का पूरा-पूरा हिसाब चुकता करेगी।”


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