वरिष्ठ पत्रकार — मीनाक्षी, पंजाब दस्तक
शिमला ग्रामीण:
लोक निर्माण विभाग (PWD) मंत्री विक्रमादित्य और जिला परिषद सदस्य शिवानी ठाकुर के बीच बयानों का टकराव काफी तीखा हो गया है। मंत्री द्वारा मंच से इस्तेमाल की गई भाषा पर जिला परिषद सदस्य शिवानी ठाकुर ने कड़े शब्दों में आपत्ति जताते हुए उनकी निंदा की है और उन्हें अपनी भाषा शैली सुधारने की सख्त नसीहत दी है।
शिवानी ठाकुर के तीखे बोल और मुख्य बिंदु:
भाषा शैली और गरिमा पर सवाल: जिला परिषद सदस्य शिवानी ठाकुर ने मंत्री विक्रमादित्य के संबोधन पर कड़ा ऐतराज़ जताते हुए कहा कि वे पूरे प्रदेश के मंत्री हैं, न कि किसी एक विधानसभा के। मंच पर जनता के चुने हुए जनप्रतिनिधि, पूर्व प्रधान और पार्षद बैठे थे, जिन्हें इस तरह के शब्दों से संबोधित करना किसी भी हाल में शोभा नहीं देता। उन्होंने दो टूक कहा कि ऐसा तानाशाही रवैया कतई नहीं चलेगा। मंत्री जी के इर्द-गिर्द जो लोग कान भरते हैं, क्या जनप्रतिनिधियों को ऐसे शब्दों से पुकारना सही है?
रोजगार और मुद्दों से भटकाव: शिवानी ठाकुर ने कहा कि यदि मंच को राजनीतिक रूप देना ही था, तो युवाओं के रोजगार और असल मुद्दों पर बात होनी चाहिए थी, लेकिन इन चीज़ों से कोई लेना-देना नहीं रखा गया। उन्होंने तंज कसा कि बस आँखें दिखाना और विरोध करना ही रह गया है।
विकास कार्यों और 40-45 साल के कार्यकाल का हिसाब: विकास कार्यों पर बात करते हुए उन्होंने कहा कि आज जब करोड़ों रुपए खर्च करके सड़कों का निर्माण हो रहा है, तो उस पर रोना रोया जा रहा है। उन्होंने सवाल उठाया कि 40-45 साल से आप लोगों को यहां काम करते हुए हो गए हैं, जबकि ढाई साल के कार्यकाल में जो स्वर्गीय भगतराम चौहान जी (भारतीय जनता पार्टी) ने काम किया था, आज भी सुन्नी और शिमला ग्रामीण की जनता घर-घर जाकर उनके कामों को याद करती है और बयां करती है।
सिक्योरिटी ज़ब्त होने के दावों पर पलटवार: मंत्री द्वारा अपोजिशन को यह कहने पर कि इस बार सिक्योरिटी ज़ब्त होगी, कड़ा जवाब देते हुए शिवानी ठाकुर ने कहा कि जनता सब जानती है और सही समय पर इसका करारा जवाब देगी।
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