विशेष रिपोर्ट: सुरेंद्र राणा (ब्यूरो चीफ, पंजाब दस्तक)
रोहड़ू (शिमला):
हिमाचल प्रदेश पेंशनर संयुक्त संघर्ष समिति ने अपनी लंबित देनदारियों और अधिकारों को लेकर प्रदेश भर में जन जागरण अभियान को तेज़ कर दिया है। अभियान के चौथे चरण के तहत डोडरा क्वार के सुदूर क्षेत्रों में अलख जगाने के बाद समिति का प्रतिनिधिमंडल आज रोहड़ू पहुँचा। एक तरफ जहाँ कांगड़ा व चंबा के जनजातीय क्षेत्रों में समिति के अध्यक्ष सुरेश ठाकुर के नेतृत्व में डोर-टू-डोर जनसंपर्क जारी है, वहीं शिमला ज़िले के दुर्गम इलाकों में कमान अतिरिक्त महासचिव भूपराम वर्मा ने संभाल रखी है।
रोहड़ू के अनुपम होटल में अहम बैठक और प्रेस वार्ता
रोहड़ू ब्लॉक पेंशनर वेलफेयर एसोसिएशन की बैठक अनुपम होटल में संयोजक ओंकार मच्छाण की अध्यक्षता में संपन्न हुई। बैठक के बाद आयोजित प्रेस वार्ता में आम सदस्यों और प्रबुद्ध नागरिकों से सीधा संवाद स्थापित किया गया। बैठक में रोहड़ू ब्लॉक पेंशनर वेलफेयर एसोसिएशन के पूर्व प्रधान विद्याराम शर्मा विशेष रूप से मौजूद रहे। उन्होंने अपने संबोधन में पेंशनरों की देनदारियों का शीघ्र भुगतान न होने पर राज्य सरकार की कड़ी निंदा की और चेतावनी दी कि यदि सरकार ने जल्द निर्णय नहीं लिया, तो पेंशनर एक बार फिर सड़कों पर उतरकर उग्र प्रदर्शन करने को बाध्य होंगे।

सचिवालय के जुझारू पूर्व प्रधान दौलत चौहान ने भरी हुंकार
बैठक में हिमाचल प्रदेश सचिवालय के पूर्व प्रधान और कर्मचारियों के वरिष्ठ जुझारू नेता दौलत चौहान विशेष रूप से उपस्थित रहे और अपने विचार रखे।
दौलत चौहान कई वर्षों तक हिमाचल प्रदेश सचिवालय कर्मचारी संघ के प्रधान रहे हैं और अपनी बेबाक, जुझारू व निडर नेतृत्व शैली के लिए पूरे प्रदेश के कर्मचारी व पेंशनर वर्ग में जाने जाते हैं। उन्होंने पेंशनरों को संबोधित करते हुए कहा कि कर्मचारियों और पेंशनरों ने जीवन भर राज्य की सेवा की है, लेकिन आज उन्हें अपने ही जायज हकों और देनदारियों के लिए दर-दर भटकना पड़ रहा है। उन्होंने साफ लहजे में कहा कि पेंशनर समाज किसी भी सूरत में अपने अधिकारों से पीछे नहीं हटेगा और यदि सरकार ने हठधर्मिता नहीं छोड़ी, तो सचिवालय से लेकर सड़कों तक एक बड़ा आंदोलन खड़ा किया जाएगा।
बैठक में यह प्रमुख नेता व पदाधिकारी रहे मौजूद
तीन सदस्यीय कमेटी के अतिरिक्त महासचिव भूपराम वर्मा की अगुवाई में पहुँचे प्रतिनिधिमंडल व इस महत्वपूर्ण बैठक में पूर्व राज्य कर्मचारी नेता बुद्ध राम आज़ाद, मीडिया प्रभारी सेन राम नेगी, शिमला जिला संयोजक मोहन ठाकुर, शिमला जिला संयुक्त सचिव कलीराम बस्तवान, जुब्बल ब्लॉक के प्रधान भोपाल ठाकुर, रोहड़ू ब्लॉक विद्युत विभाग के प्रधान रणधीर चौहान, छोहारा ब्लॉक के प्रधान दीपन ठाकुर, महासचिव महेंद्र शर्मा, डॉक्टर रामेश्वर शर्मा, डी.डी. कल्याण, फीडाराम भीमटा सहित अनेक पेंशनर व गणमान्य लोग उपस्थित रहे।
18 सितंबर के बिलासपुर फैसले के तहत निकला अभियान
अतिरिक्त महासचिव भूपराम वर्मा ने जानकारी देते हुए बताया कि 18 सितंबर को बिलासपुर में प्रदेश के 18 विभिन्न संगठनों ने मिलकर संयुक्त संघर्ष की रणनीति तैयार की थी। इसी निर्णय के तहत चतुर्थ चरण का जन जागरण अभियान शिमला ज़िले के कोटखाई ब्लॉक से शुरू किया गया था, जो डोडरा क्वार होते हुए अब रोहड़ू पहुँचा है। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य संगठन को धरातल पर मज़बूत बनाना, सदस्यता अभियान को गति देना और गाँव व पंचायत स्तर पर छोटी-छोटी कमेटियाँ गठित कर जन जागरण को तेज करना है।
मंत्री-विधायकों से जवाब मांगने का आह्वान, 17 सूत्रीय मांग पत्र पर अड़ी समिति
भूपराम वर्मा ने कहा कि प्रवास के दौरान पेंशनरों में अपनी रुकी देनदारियों को लेकर भारी पीड़ा और गहरा रोष देखने को मिल रहा है। पेंशनरों ने संकल्प लिया है कि वे आने वाले समय में अपने हकों की खातिर किसी भी कुर्बानी के लिए तैयार रहेंगे। उन्होंने आह्वान किया कि जब भी संबंधित विधानसभा क्षेत्रों में कोई मंत्री या विधायक प्रवास पर आएं, तो पेंशनर उन्हें अपनी देनदारियों और समस्याओं से अवगत कराएं और जवाब मांगें। जब तक प्रदेश सरकार 18 संगठनों की संयुक्त संघर्ष समिति को सुरेश ठाकुर की अध्यक्षता में औपचारिक वार्ता के लिए आमंत्रित नहीं करती और 17 सूत्रीय मांग पत्र पर ठोस कार्रवाई नहीं करती, तब तक यह आर-पार की लड़ाई पूरे प्रदेश में जारी रहेगी।
(यह पूरी जानकारी पेंशनर संयुक्त संघर्ष समिति के मीडिया प्रभारी सेन राम नेगी ने ‘पंजाब दस्तक’ को विशेष रूप से दी।)
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