ग्राउंड जीरो से पड़ताल | सुरेंद्र राणा, ब्यूरो चीफ, कपूरथला | पंजाब दस्तक
फगवाड़ा/कपूरथला | 28 सितंबर 2026
पंजाब के सबसे बड़े निजी उच्च शिक्षण संस्थानों में शुमार लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी (LPU), फगवाड़ा में पिछले 48 घंटों से हालात बेहद विस्फोटक बने हुए हैं। छात्राओं की सुरक्षा में गंभीर चूक और हॉस्टल में कथित अप्रिय घटना की खबरों के बाद उपजा गुस्सा सोमवार को बेकाबू हिंसक प्रदर्शन में तब्दील हो गया। हजारों की संख्या में आक्रोशित छात्र-छात्राओं ने जालंधर-दिल्ली राष्ट्रीय राजमार्ग (NH-44) को पूरी तरह से ठप कर दिया। इसके बाद पुलिस, प्रशासन और प्रदर्शनकारी छात्रों के बीच तीखी नोकझोंक, भारी पथराव और आगजनी की घटनाएं सामने आईं।
छात्राओं का गंभीर आरोप: ‘सुरक्षा में चूक और मामले पर पर्दा डालने की कोशिश’
पूरे बवाल की चिंगारी कैंपस के गर्ल्स हॉस्टल से भड़की। छात्रों का सीधा आरोप है कि हॉस्टल परिसर के भीतर सुरक्षा व्यवस्था पूरी तरह ध्वस्त हो चुकी है और बाहरी कर्मचारियों व मेंटेनेंस वर्करों की बेरोकटोक आवाजाही के कारण एक छात्रा के साथ गंभीर घटना घटी।
प्रदर्शनकारी छात्रों का दावा है कि जब पीड़िता और उसकी सहपाठियों ने मामले को लेकर हॉस्टल वार्डन और शीर्ष प्रबंधन से शिकायत की, तो उनकी बात सुनने के बजाय मामले को दबाने का प्रयास किया गया। छात्रों का यह भी आरोप है कि पूरे प्रकरण को ठंडा करने के लिए पीड़िता को आनन-फानन में घर भेज दिया गया।
दूसरी ओर, विश्वविद्यालय प्रशासन ने सभी आरोपों को सिरे से खारिज किया है। प्रशासन का कहना है कि यह पूरा मामला असामाजिक और शरारती तत्वों द्वारा गढ़ी गई मनगढ़ंत अफवाह है। प्रबंधन ने छात्राओं के कुछ वीडियो भी जारी कर स्थिति सामान्य दिखाने की कोशिश की, लेकिन छात्र इस बात पर अड़ गए कि प्रबंधन सच को दबाने और अपनी छवि बचाने का खेल खेल रहा है। विश्वविद्यालय प्रबंधन की इसी संवादहीनता और टालमटोल भरे रवैये ने आग में घी डालने का काम किया।
नेशनल हाईवे बना रणक्षेत्र: आगजनी, पथराव और लाठीचार्ज
रविवार देर शाम से शुरू हुआ यह प्रदर्शन सोमवार सुबह तक पूरी तरह उग्र हो गया:
NH-44 पर कई किलोमीटर लंबा जाम: हजारों छात्र हाईवे पर धरने पर बैठ गए, जिससे जालंधर, दिल्ली, लुधियाना और अमृतसर जाने वाले तमाम वाहन घंटों तक फंसे रहे। आम मुसाफिरों और एम्बुलेंस तक को निकलने का रास्ता नहीं मिला।
सरकारी व निजी वाहनों में आगजनी: भीड़ में मौजूद कुछ उपद्रवी तत्वों ने यूनिवर्सिटी के भीतर मॉल, मुख्य द्वार, सुरक्षा चौकियों और वाहनों को निशाना बनाया। देखते ही देखते हालात इतने बिगड़ गए कि हाईवे पर तैनात पुलिस वाहनों और दमकल की गाड़ियों को आग के हवाले कर दिया गया।
पुलिस की जवाबी कार्रवाई: बेकाबू होती भीड़ को तितर-बितर करने के लिए भारी पुलिस बल ने लाठीचार्ज किया और वॉटर कैनन का इस्तेमाल किया। इस दौरान दोनों तरफ से हुए पथराव और झड़प में कई पुलिसकर्मी और छात्र घायल हुए हैं।
राजनीतिक भूचाल: ‘आप’ सरकार की कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल
विश्वविद्यालय के चांसलर और राज्यसभा सांसद अशोक मित्तल के संस्थान में हुए इस बड़े बवाल ने पंजाब की सियासत में भी भारी तूफान खड़ा कर दिया है।
विपक्षी दलों का चौतरफा हमला: प्रमुख विपक्षी दलों ने राज्य की भगवंत मान सरकार को सीधे कटघरे में खड़ा करते हुए आरोप लगाया है कि जब पंजाब के सबसे प्रतिष्ठित निजी विश्वविद्यालय में बेटियां सुरक्षित नहीं हैं, तो आम जनता की सुरक्षा का क्या हाल होगा। विपक्ष ने आरोप लगाया कि प्रशासन और खुफिया तंत्र पूरी तरह फेल साबित हुआ, जिसके चलते हालात इतने ज्यादा बिगड़े।
सत्ता पक्ष का पक्ष: दूसरी ओर, सत्ता पक्ष से जुड़े नेताओं का कहना है कि यह शांति भंग करने की एक सोची-समझी साजिश हो सकती है। सरकार का तर्क है कि बिना किसी आधिकारिक शिकायत के सोशल मीडिया पर अफवाह फैलाकर बच्चों को भड़काया गया और राजनीतिक लाभ लेने की नीयत से माहौल खराब किया गया।
प्रशासन की सख्त कार्रवाई: SIT गठित, 10 दिन के लिए यूनिवर्सिटी बंद
मामले की गंभीरता को देखते हुए पंजाब पुलिस के आला अधिकारियों ने मौके पर डेरा डाल दिया है:
एसआईटी (SIT) का गठन: कपूरथला पुलिस ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच, वायरल वीडियो की पड़ताल और अफवाह फैलाने वालों की धरपकड़ के लिए स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) गठित कर दी है। तोड़फोड़ और आगजनी करने वालों के खिलाफ गंभीर धाराओं में एफआईआर दर्ज की गई है।
छावनी में तब्दील हुआ इलाका: डीजीपी के निर्देश पर कैंपस और हाईवे पर 2,000 से अधिक पुलिस जवानों को तैनात किया गया है। रैपिड एक्शन फोर्स की भी मदद ली गई है।
10 दिन के लिए कक्षाएं और परीक्षाएं स्थगित: विश्वविद्यालय प्रशासन ने तनाव को देखते हुए अगले 10 दिनों के लिए यूनिवर्सिटी को पूरी तरह बंद कर दिया है और सभी परीक्षाएं स्थगित कर दी हैं। हॉस्टल से बाहरी राज्यों के छात्रों को सुरक्षित उनके घरों के लिए रवाना किया जा रहा है।
साइबर सेल का पहरा: सोशल मीडिया पर भ्रामक और अनवेरिफाइड वीडियो डालकर दंगा भड़काने वालों को चिन्हित किया जा रहा है।
प्रशासन ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि छात्राओं की सुरक्षा से कोई समझौता नहीं होगा, लेकिन कानून हाथ में लेने और फर्जी अफवाहें फैलाकर शांति भंग करने वालों को किसी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।
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