पंजाब दस्तक
शिमला (वरिष्ठ पत्रकार काजल):
हिमाचल प्रदेश में विधानसभा रण के औपचारिक बिगुल में भले ही वक्त बाकी हो, लेकिन सियासी गलियारों में तैयारियां पूरी आक्रामकता के साथ शुरू हो चुकी हैं। चुनावी समर की आहट को भांपते हुए कांग्रेस आलाकमान ने अभी से संगठन को जमीनी स्तर पर अभेद्य बनाने और कैडर को री-चार्ज करने का महा-अभियान छेड़ दिया है। इसी कड़ी में राजधानी शिमला स्थित प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय ‘राजीव भवन’ में घंटों चला मैराथन मंथन पार्टी के भीतर अनुशासन और नई ऊर्जा फूंकने का काम कर गया।
इस अहम बैठक में प्रदेश प्रभारी रजनी पाटिल के साथ प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष विनय कुमार, सह-प्रभारी चेतन चौहान और प्रदेश कांग्रेस संगठन महामंत्री विनोद जिंटा ने मोर्चा संभाला। इस संगठनात्मक समीक्षा बैठक में प्रदेश भर के सभी जिला प्रभारी और जिला अध्यक्ष मौजूद रहे।
मंथन के दौरान शीर्ष नेतृत्व ने सभी जिला अध्यक्षों और प्रभारियों से एक-एक कर सीधी बातचीत की। जिलों और ब्लॉकों में कांग्रेस की मौजूदा राजनीतिक स्थिति और संगठनात्मक मजबूती की बिंदुवार समीक्षा की गई। ब्लॉक स्तर पर पार्टी की सक्रियता, नियमित बैठकों के आयोजन, कार्यकर्ताओं के समन्वय और पार्टी प्रतिनिधियों की धरातल पर मौजूदगी को लेकर विस्तृत फीडबैक लिया गया। नेताओं से सीधे तौर पर जाना गया कि जनता के बीच संगठन का प्रभाव कैसा है और आगामी चुनौतियों से निपटने के लिए किस स्तर की तैयारी है।
समीक्षा सत्र के दौरान प्रदेश प्रभारी रजनी पाटिल का रुख बेहद स्पष्ट और संजीदा रहा। उन्होंने दो-टूक शब्दों में कहा कि चुनावी वैतरणी पार करने के लिए महज औपचारिक दावों और कागजी रिपोर्टों से काम नहीं चलेगा। पार्टी का सीधा फोकस अब बूथ और ब्लॉक स्तर तक संगठन को सक्रिय करने पर है। पदाधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए गए कि वे आपसी तालमेल मजबूत कर जनता के बीच जाएं और जनसरोकारों को पूरी मजबूती से उठाएं। नेतृत्व ने साफ कर दिया कि आने वाले दिनों में संगठन में जिम्मेदारी और चुनावी भूमिका का एकमात्र पैमाना सिर्फ और सिर्फ धरातल पर दिखने वाली सक्रियता और परफॉर्मेंस ही होगी।
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