मोहाली GMADA मुख्यालय में ED की कार्रवाई

मोहाली में ED का महा-एक्शन: गमाडा मुख्यालय की 3 मंजिलें व चीफ इंजीनियर का दफ्तर सील, 26 से ज्यादा ठिकानों पर रेड, अफसरों के फोन जब्त

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​100 करोड़ से अधिक के बड़े घोटाले में केंद्रीय एजेंसी की जबरदस्त दबिश; चीफ इंजीनियर, एसीए और ईओ को कमरे में बैठाकर घंटों दागे तीखे सवाल

​पंजाब दस्तक विशेष ग्राउंड रिपोर्ट
ब्यूरो चीफ: सुरेंद्र राणा


मोहाली/चंडीगढ़:
​पंजाब की नौकरशाही और रियल एस्टेट लॉबी में उस वक्त भीषण हड़कंप मच गया, जब मंगलवार सुबह केंद्रीय जांच एजेंसी प्रवर्तन निदेशालय (ED) की कई टीमों ने भारी सुरक्षा बल (CRPF) के साथ ग्रेटर मोहाली एरिया डेवलपमेंट अथॉरिटी (GMADA) के फेज-8 स्थित भव्य मुख्यालय पर अचानक धावा बोल दिया। करीब 100 से 150 करोड़ रुपये के कथित भूमि, सीएलयू (CLU) और टेंडर घोटाले के तार खंगालने उतरी जांच एजेंसी ने ताबड़तोड़ एक्शन लेते हुए गमाडा दफ्तर की तीन मंजिलों सहित चीफ इंजीनियर का पूरा चैंबर सील कर दिया।


​सुरक्षा बलों के कड़े पहरे में कैद हुआ गमाडा मुख्यालय
मंगलवार सुबह करीब 10:30 बजे जांच एजेंसी की गाड़ियां भारी सुरक्षा बलों के साथ मोहाली स्थित गमाडा मुख्यालय के मुख्य द्वार पर रुकीं। देखते ही देखते जवानों ने पूरे परिसर को चारों तरफ से घेर लिया। दफ्तर के अंदर मौजूद किसी भी अधिकारी या कर्मचारी को बाहर जाने की अनुमति नहीं दी गई और न ही बाहरी लोगों का प्रवेश होने दिया गया। जांच टीमों ने सीधे प्रशासनिक और तकनीकी विंग का रुख किया और सभी अहम फाइलों को अपने शिकंजे में लेना शुरू कर दिया।


​चीफ इंजीनियर का केबिन सील, अफसरों के मोबाइल कब्जे में लिए
जांच टीम ने सबूतों के साथ किसी भी प्रकार की छेड़छाड़ की गुंजाइश को खत्म करने के लिए चीफ इंजीनियर के कमरे को तुरंत सील कर दिया। इसके साथ ही गमाडा भवन की तीन मंजिलों को पूरी तरह सील कर रिकॉर्ड रूम का नियंत्रण अपने हाथ में ले लिया गया। कार्रवाई के दौरान वहां मौजूद चीफ इंजीनियर, अतिरिक्त मुख्य प्रशासक (ACA) और एस्टेट ऑफिसर (EO) समेत सभी वरिष्ठ अधिकारियों के मोबाइल फोन तुरंत जब्त कर लिए गए, ताकि कोई भी अंदरूनी जानकारी बाहर लीक न हो सके या डिजिटल डेटा से छेड़छाड़ न की जा सके।


​कमरे में बैठाकर घंटों चली मैराथन पूछताछ
अंदरूनी सूत्रों के हवाले से मिली पुख्ता जानकारी के अनुसार, जांच एजेंसी के आला अधिकारियों ने चीफ इंजीनियर, एसीए और ईओ को अलग-अलग बैठाकर घंटों तक मैराथन पूछताछ की। जमीन अधिग्रहण, चेंज ऑफ लैंड यूज़ (CLU) की मंजूरी, सरकारी संपत्तियों की नीलामी और चहेते प्राइवेट प्रमोटरों व बिल्डरों को गैर-वाजिब छूट दिए जाने से जुड़े तीखे सवाल पूछे गए। जांच टीम यह भी पड़ताल कर रही है कि किन नियमों को ताक पर रखकर प्राइवेट कंपनियों को करोड़ों रुपये का अनुचित वित्तीय लाभ पहुंचाया गया।


​मोहाली से लेकर कई शहरों में 26 से ज्यादा ठिकानों पर ताबड़तोड़ रेड
जांच एजेंसी की यह कार्रवाई केवल मोहाली तक ही सीमित नहीं रही। सूत्रों के अनुसार, संयुक्त टीमों ने एक साथ 26 से ज्यादा लोकेशनों पर एक साथ छापेमारी की। मोहाली और न्यू चंडीगढ़ के अलावा चंडीगढ़, पंचकूला, लुधियाना और दिल्ली में संदिग्ध रियल एस्टेट कंपनियों, उनके प्रमोटरों और कथित बिचौलियों के ठिकानों पर लगातार सर्च ऑपरेशन चला।


​100 करोड़ के घोटाले और मनी लॉन्ड्रिंग के तार
प्रवर्तन निदेशालय की यह जांच प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (PMLA) के तहत आगे बढ़ाई गई है। जांच के दायरे में निजी बिल्डरों को 100 करोड़ से अधिक का फायदा पहुंचाने, बकाए की वसूली दबाने, एक्सटर्नल डेवलपमेंट चार्ज (EDC) में संदिग्ध छूट देने और फर्जी कंपनियों के जरिए फंड डायवर्ट करने के गंभीर आरोप हैं।


​मंगलवार देर शाम तक चली इस बड़ी कार्रवाई के बाद मोहाली के प्रशासनिक गलियारों में भारी खलबली मची हुई है। जांच एजेंसी द्वारा जब्त किए गए डिजिटल रिकॉर्ड, हार्ड डिस्क और फाइलों की गहन जांच की जा रही है और आने वाले दिनों में कई बड़े चेहरों पर कानूनी शिकंजा और कसना तय माना जा रहा है।


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भ्रष्टाचार के खिलाफ हमेशा मुखर रहने वाले पंजाब दस्तक के ब्यूरो चीफ सुरेंद्र राणा की इस धारदार और एक्सक्लूसिव ग्राउंड रिपोर्ट ने एक बार फिर प्रशासनिक महकमे की नींद उड़ा दी है। जमीन से जुड़ी हर बड़ी और सच्ची खबर को सबसे पहले, पूरी निष्पक्षता और बेबाकी के साथ जनता तक पहुंचाना ही पंजाब दस्तक की पहचान है।


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